हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर घर लौट रहे भारतीय सेना के जवान और राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी अमन सोलंकी (22 वर्ष) की सोमवार को सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा नजीबाबाद के मंडावली थाना क्षेत्र में मोटा महादेव मंदिर बाईपास के पास हुआ, जहाँ एक डीजे लगे पिकअप वाहन ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चला रहे उनके साथी हिरदेश तोमर (30 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जवान अमन सोलंकी का पार्थिव शरीर मंगलवार रात 8:15 बजे उनके पैतृक गांव सुल्तानपुर बुढ़ेना पहुँचा, तो हजारों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। देखिए घटना की तस्वीरें… हिसार में गेम खेलने के बाद छुट्टी लेकर गए थे कांवड़ लेने बुलंदशहर के गाँव सुल्तानपुर बुढ़ेना (खुर्जा नगर) निवासी अमन सोलंकी भारतीय सेना की 15 ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट (अलवर, राजस्थान) में तैनात थे। वर्ष 2024 में खेल कोटे के तहत सेना में भर्ती हुए अमन राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी थे। वे हिसार में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद छुट्टी लेकर सीधे डाक कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे। साथी घायल, मेरठ आर्मी अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम घायल साथी हिरदेश तोमर के अनुसार, दोनों बाइक से आगे चल रहे थे, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल अमन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेरठ स्थित आर्मी अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार रात करीब 8:15 बजे जब जवान अमन सोलंकी का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान और सुरक्षा के बीच उनके पैतृक गाँव बुलंदशहर के सुल्तानपुर बुढ़ेना पहुँचा, तो माहौल गमगीन हो गया। हजारों ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं और समाजसेवियों ने नम आँखों से जवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान गाँव में “जब तक सूरज-चांद रहेगा, अमन सोलंकी तेरा नाम रहेगा” और “अमन फौजी अमर रहे” के देशभक्ति के नारे गूंजते रहे। अमन के पिता प्रेमपाल सिंह (55 वर्ष) पूर्व बीडीसी सदस्य और किसान हैं, जबकि उनकी माता ममता देवी (52 वर्ष) गृहणी हैं। अमन तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी बड़ी बहन ज्योति (25 वर्ष) विवाहित हैं, और छोटा भाई इन्दर सोलंकी (18 वर्ष) जेएएस इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट का छात्र है। अमन अविवाहित थे।


