ठेला, खोमचा, जूस, मिठाई दुकान, रेस्टोरेंट की जांच:लालपुर में केमिकल मिला चाट बेचते धराए खोमचे वाले

ठेला, खोमचा, जूस, मिठाई दुकान, रेस्टोरेंट की जांच:लालपुर में केमिकल मिला चाट बेचते धराए खोमचे वाले

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने बुधवार को लालपुर स्थित 16 खाद्य प्रतिष्ठानों (ठेला, खोमचा, चाट-पानीपूरी, फास्ट फूड, जूस, मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट) का औचक निरीक्षण किया। जांच में लालपुर में कुछ विक्रेता चाट में ‘औद्योगिक रंग’ का इस्तेमाल करते पाए गए। औद्योगिक रंग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। टीम ने इस जहरीले रंग को तुरंत जब्त कर मौके पर ही नष्ट करवा दिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई दुकानदार और स्ट्रीट वेंडर्स खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। बिना हैंड ग्लव्स, हेड कैप और एप्रन पहने ही खाने-पीने की चीजें तैयार और परोसी जा रही थीं। इसके अलावा किचन की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रख-रखाव और गुणवत्ता की भी बारीकी से जांच की गई। टीम ने सभी दुकानदारों को सख्त हिदायत दी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सभी कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगली जांच में यदि नियमों का उल्लंघन या अमानक खाद्य सामग्री पाई गई, तो ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाहर खाते समय रखें ध्यान चटक रंगों वाले खाने से बचें: चाट, बिरयानी, ग्रेवी या मिठाइयों में अगर रंग बहुत अधिक गहरा या अप्राकृतिक लगे, तो उसे खाने से बचें। इनमें औद्योगिक रंगों की मिलावट हो सकती है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। यदि किसी ठेले या रेस्टोरेंट में बासी, दूषित या अस्वच्छ खाना परोसा जा रहा हो, तो खाद्य सुरक्षा विभाग में इसकी शिकायत की जा सकती है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने बुधवार को लालपुर स्थित 16 खाद्य प्रतिष्ठानों (ठेला, खोमचा, चाट-पानीपूरी, फास्ट फूड, जूस, मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट) का औचक निरीक्षण किया। जांच में लालपुर में कुछ विक्रेता चाट में ‘औद्योगिक रंग’ का इस्तेमाल करते पाए गए। औद्योगिक रंग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। टीम ने इस जहरीले रंग को तुरंत जब्त कर मौके पर ही नष्ट करवा दिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई दुकानदार और स्ट्रीट वेंडर्स खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। बिना हैंड ग्लव्स, हेड कैप और एप्रन पहने ही खाने-पीने की चीजें तैयार और परोसी जा रही थीं। इसके अलावा किचन की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रख-रखाव और गुणवत्ता की भी बारीकी से जांच की गई। टीम ने सभी दुकानदारों को सख्त हिदायत दी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सभी कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगली जांच में यदि नियमों का उल्लंघन या अमानक खाद्य सामग्री पाई गई, तो ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाहर खाते समय रखें ध्यान चटक रंगों वाले खाने से बचें: चाट, बिरयानी, ग्रेवी या मिठाइयों में अगर रंग बहुत अधिक गहरा या अप्राकृतिक लगे, तो उसे खाने से बचें। इनमें औद्योगिक रंगों की मिलावट हो सकती है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। यदि किसी ठेले या रेस्टोरेंट में बासी, दूषित या अस्वच्छ खाना परोसा जा रहा हो, तो खाद्य सुरक्षा विभाग में इसकी शिकायत की जा सकती है।  

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