शाहजहांपुर में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव से जुड़े 5 करोड़ रुपए के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद उनके बड़े भाई श्रीपाल यादव ने बुधवार रात अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बड़ा दिन है, क्योंकि पहली बार उनकी बात सुनी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी अदालत उन्हें पूरा न्याय देगी। श्रीपाल यादव ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर 2 करोड़ रुपए जमा कर दिए गए हैं। बची हुई रकम भी 13 अक्टूबर तक जमा करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि यह रकम कर्ज के तौर पर नहीं ली गई थी, बल्कि फिल्म में निवेश किया गया था। उनका कहना है कि पिछले 15-16 साल से परिवार को लगातार परेशानी और बदनामी झेलनी पड़ी है। 5 करोड़ के लोन से अलग बताया निवेश का मामला श्रीपाल यादव ने कहा कि मीडिया में लगातार यह बताया गया कि राजपाल यादव ने 5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। जबकि उनका दावा है कि ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर पैसा उधार लिया गया होता तो उसे वापस किया जाता, लेकिन उनके मुताबिक रकम फिल्म में निवेश की गई थी। उन्होंने बताया कि उस समय यह बात कही गई थी कि फिल्म से पैसा आने पर सबसे पहले निवेश की रकम दी जाएगी और उसके बाद बची रकम उनका हिस्सा होगी। श्रीपाल यादव के मुताबिक, इस पूरे मामले में उनकी बात सामने नहीं आ सकी और एकतरफा तरीके से उनकी बदनामी होती रही। फिल्म रिलीज से पहले ही लग गया था स्टे श्रीपाल यादव ने कहा कि फिल्म रिलीज होने से पहले ही उस पर रोक लगवा दी गई थी। फिल्म का म्यूजिक रिलीज हो चुका था, लेकिन फिल्म सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सकी। उनके मुताबिक, इससे आर्थिक नुकसान हुआ और मामला लगातार लंबा खिंचता चला गया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की बात नहीं सुनी जा रही हो, उसके मन में यह डर बना रहता है कि पता नहीं कब जेल जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मीडिया में भी लंबे समय तक यही जानकारी सामने आती रही कि 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था, जबकि उनका दावा है कि यह निवेश का मामला था।
16 साल से झेल रहे परेशानी श्रीपाल यादव ने कहा कि पिछले 16 साल में परिवार ने जो परेशानी झेली है, उसका अंदाजा वही लोग लगा सकते हैं जिन्होंने इसे सहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ बोलकर एक इज्जतदार व्यक्ति पर कीचड़ उछाला गया। उन्होंने कहा कि इस तरह किसी की प्रतिष्ठा खराब करना गलत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत उनकी बात को आगे भी सुनेगी और उन्हें पूरा न्याय मिलेगा। उनका कहना है कि कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 2 करोड़ रुपए जमा कर दिए गए हैं और बाकी रकम भी तय समय के भीतर जमा कर दी जाएगी। 2010 में फिल्म बनाने के लिए लिया था पैसा पूरा मामला वर्ष 2010 का है। शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के कुंडरा गांव के रहने वाले राजपाल यादव ने अता पता लापता फिल्म बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए लिए थे। रकम वापस करने के लिए दिए गए राजपाल यादव के सात चेक बाउंस हो गए थे। इसके बाद ब्याज और अन्य बकाया जुड़ने से रकम बढ़ती चली गई। हालांकि राजपाल यादव और उनके बड़े भाई लगातार यह कहते रहे हैं कि यह कर्ज लेने का मामला नहीं था, बल्कि फिल्म निर्माण में निवेश किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद श्रीपाल यादव ने पहली बार विस्तार से अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन्हें अदालत से पूरा न्याय मिलने की उम्मीद है।

