Uddhav Thackeray Raj Thackeray Joint March: केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में रविवार, 4 अक्टूबर को मुंबई में ‘गर्जना मोर्चा’ निकाला गया। ‘लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए गर्जना’ नाम से आयोजित यह मार्च मेट्रो सिनेमा से मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय तक निकाला गया। इसमें महाविकास आघाड़ी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
मोर्चे के दौरान राज ठाकरे ने चुनाव आयोग, बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
‘2017-18 से कह रहा हूं, वोट चुराए जा रहे’
राज ठाकरे ने कहा कि वह 2017-18 से ही चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्होंने सोनिया गांधी और ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की थी।
राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने उस समय भी चुनाव के बहिष्कार की बात कही थी। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए।
‘बीजेपी के वोट इतने बढ़ नहीं सकते’
मोर्चे को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में बीजेपी के वोट बढ़ने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी के मत ऐसे बढ़ ही नहीं सकते।” उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद के राजनीतिक माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि महायुति को बहुमत मिलने के बावजूद उन्हें राज्य में वैसा उत्साह दिखाई नहीं दिया।
राज ठाकरे ने यह भी दावा किया कि राज्य में मतदाताओं की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई और 2024 के लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं की संख्या बढ़ी।
‘मतदाता सूची से 2 करोड़ लोगों को बाहर किया’
राज ठाकरे ने अपने भाषण में दावा किया कि बीजेपी ने मतदाता सूची से 2 करोड़ लोगों को बाहर कर दिया। हालांकि, यह एक गंभीर राजनीतिक आरोप है और उपलब्ध जानकारी में इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि उनका विरोध इस बात को लेकर नहीं है कि कोई राजनीतिक दल सत्ता में है। उनके मुताबिक, सत्ता में किसे बैठाना है, इसका फैसला देश के मतदाताओं को करना चाहिए।
बता दें कि ठाकरे भाइयों के ‘गर्जना मोर्चा’ के लिए पहले तय मार्ग में बदलाव किया गया था। मुंबई पुलिस के अनुरोध के बाद मोर्चे का मार्ग बदलकर मेट्रो सिनेमा से मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय तक किया गया। आज मोर्चे में शिवसेना (उद्धव गुट), मनसे के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) और कांग्रेस से जुड़े नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
इस प्रदर्शन के जरिए विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया। अब ठाकरे भाइयों के इस संयुक्त आंदोलन का महाराष्ट्र की राजनीति पर आगे क्या असर पड़ता है, यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा।

