ट्रेन के सामने पहुंचा शख्स, लोको पायलट ने रोकी इंटरसिटी:मानसिक बीमार व्यक्ति ऑटो से कूदकर ट्रैक पर पहुंचा, परिजन ने दिखाया लाल गमछा

ट्रेन के सामने पहुंचा शख्स, लोको पायलट ने रोकी इंटरसिटी:मानसिक बीमार व्यक्ति ऑटो से कूदकर ट्रैक पर पहुंचा, परिजन ने दिखाया लाल गमछा

दरभंगा में रविवार को मानसिक रूप से बीमार एक शख्स ऑटो से कूदकर भागने लगा और रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। सामने से ट्रेन आ रही थी। जिसे देख परिजन ने लाल गमछा दिखाकर ट्रेन रोकने का संकेत दिया। लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, कुछ देर के लिए रेल परिचालन प्रभावित रहा। समस्तीपुर की ओर से जयनगर जा रही आरा-जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस (13226) करीब 5 मिनट तक रुकी रही। बताया जा रहा कि मधुबनी के जयनगर प्रखंड अंतर्गत देवधा थाना क्षेत्र निवासी करीब गोपाल जी महतो (50) को परिजन मानसिक इलाज के लिए दरभंगा के दोनार स्थित डॉ. पुनीत कुमार के पास ला रहे थे। परिजन के अनुसार, केवटी थाना क्षेत्र में उनकी स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके बाद परिजन ने गोपाल महतो को ऑटो से डॉ. के पास ले जाने का निर्णय लिया।
इसी दौरान अललपट्टी चौक के पास गोपाल महतो ऑटो से कूदकर भागने लगा। उसने राहगीरों के साथ मारपीट भी की। रेल यात्रियों पर भी पत्थर फेंके

ट्रेन रुकने के बाद भी गोपाल महतो शांत नहीं हुआ। उसने ट्रेन में बैठे यात्रियों की ओर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गोपाल महतो की पत्नी उसे पकड़ने के लिए पीछे-पीछे दौड़ रही थी। इसी दौरान उसने पत्नी पर भी पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। परिजनों ने उसे तत्काल डीएमसीएच में भर्ती कराया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है और परिजनों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बताई गई है।
वहीं, गोपाल महतो को पकड़ने के लिए पीछे दौड़ रहे अन्य लोगों पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे कुछ लोग घायल हो गए।
पुलिस और आरपीएफ ने पकड़ा
घटना की सूचना मिलते ही बेंता थाना पुलिस दलबल के साथ रेलवे ट्रैक पर पहुंची। कंट्रोल से सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस, आरपीएफ और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद गोपाल महतो को रेलवे ट्रैक से हटाकर पकड़ लिया गया। उसे नियंत्रित करने के बाद हाथ में हथकड़ी लगाई गई और रस्सी के सहारे बांस से बांधकर ठेले पर लिटाया गया। इसके बाद उसे डीएमसीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। बाद में परिजन उसे स्कॉर्पियो से अपने साथ ले गए। परिजनों के अनुसार, बेहतर इलाज के लिए उसे बाहर ले जाया गया है।
दस साल पहले भी बिगड़ी थी मानसिक स्थिति
परिजन विजय सहनी ने बताया कि गोपाल महतो की मानसिक स्थिति करीब 10 साल पहले भी खराब हुई थी। उस समय उसका इलाज कराया गया था। परिजनों के अनुसार, दवा नहीं लेने पर उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है और वह इस तरह का व्यवहार करने लगता है।
पांच मिनट तक रुकी इंटरसिटी एक्सप्रेस
आरपीएफ इंस्पेक्टर इंचार्ज पुखराज मीणा ने बताया कि घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। गोपाल महतो को पकड़ने और रेलवे ट्रैक से हटाने के दौरान कुछ स्थानीय लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।
व्यक्ति को ट्रैक से हटाए जाने के बाद रेलवे परिचालन सामान्य कर दिया गया और ट्रेनों का आवागमन बहाल हो गया। दरभंगा में रविवार को मानसिक रूप से बीमार एक शख्स ऑटो से कूदकर भागने लगा और रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। सामने से ट्रेन आ रही थी। जिसे देख परिजन ने लाल गमछा दिखाकर ट्रेन रोकने का संकेत दिया। लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, कुछ देर के लिए रेल परिचालन प्रभावित रहा। समस्तीपुर की ओर से जयनगर जा रही आरा-जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस (13226) करीब 5 मिनट तक रुकी रही। बताया जा रहा कि मधुबनी के जयनगर प्रखंड अंतर्गत देवधा थाना क्षेत्र निवासी करीब गोपाल जी महतो (50) को परिजन मानसिक इलाज के लिए दरभंगा के दोनार स्थित डॉ. पुनीत कुमार के पास ला रहे थे। परिजन के अनुसार, केवटी थाना क्षेत्र में उनकी स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके बाद परिजन ने गोपाल महतो को ऑटो से डॉ. के पास ले जाने का निर्णय लिया।
इसी दौरान अललपट्टी चौक के पास गोपाल महतो ऑटो से कूदकर भागने लगा। उसने राहगीरों के साथ मारपीट भी की। रेल यात्रियों पर भी पत्थर फेंके

ट्रेन रुकने के बाद भी गोपाल महतो शांत नहीं हुआ। उसने ट्रेन में बैठे यात्रियों की ओर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गोपाल महतो की पत्नी उसे पकड़ने के लिए पीछे-पीछे दौड़ रही थी। इसी दौरान उसने पत्नी पर भी पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। परिजनों ने उसे तत्काल डीएमसीएच में भर्ती कराया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है और परिजनों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बताई गई है।
वहीं, गोपाल महतो को पकड़ने के लिए पीछे दौड़ रहे अन्य लोगों पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे कुछ लोग घायल हो गए।
पुलिस और आरपीएफ ने पकड़ा
घटना की सूचना मिलते ही बेंता थाना पुलिस दलबल के साथ रेलवे ट्रैक पर पहुंची। कंट्रोल से सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस, आरपीएफ और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद गोपाल महतो को रेलवे ट्रैक से हटाकर पकड़ लिया गया। उसे नियंत्रित करने के बाद हाथ में हथकड़ी लगाई गई और रस्सी के सहारे बांस से बांधकर ठेले पर लिटाया गया। इसके बाद उसे डीएमसीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। बाद में परिजन उसे स्कॉर्पियो से अपने साथ ले गए। परिजनों के अनुसार, बेहतर इलाज के लिए उसे बाहर ले जाया गया है।
दस साल पहले भी बिगड़ी थी मानसिक स्थिति
परिजन विजय सहनी ने बताया कि गोपाल महतो की मानसिक स्थिति करीब 10 साल पहले भी खराब हुई थी। उस समय उसका इलाज कराया गया था। परिजनों के अनुसार, दवा नहीं लेने पर उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है और वह इस तरह का व्यवहार करने लगता है।
पांच मिनट तक रुकी इंटरसिटी एक्सप्रेस
आरपीएफ इंस्पेक्टर इंचार्ज पुखराज मीणा ने बताया कि घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। गोपाल महतो को पकड़ने और रेलवे ट्रैक से हटाने के दौरान कुछ स्थानीय लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।
व्यक्ति को ट्रैक से हटाए जाने के बाद रेलवे परिचालन सामान्य कर दिया गया और ट्रेनों का आवागमन बहाल हो गया।  

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