इटावा में भरथना रेलवे स्टेशन के पास बुधवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आने से 50 वर्षीय राजेश कुमार की मौत हो गई। हादसे के बाद शव की पहचान नहीं हो सकी थी। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जीआरपी ने शव की पहचान करते हुए परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिवार के लोग मोर्चरी पहुंचे और शव की पहचान राजेश कुमार के रूप में की। मृतक राजेश कुमार पुत्र डिबोल सिंह इटावा कोतवाली क्षेत्र के गाड़ीपुरा के रहने वाले थे। परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह वह राजमिस्त्री का काम करने के लिए घर से निकले थे। उन्होंने परिवार से कहा था कि काम खत्म करने के बाद शाम को वहीं से कानपुर अपनी बहन से मिलने चले जाएंगे। परिवार के लोगों को लगा कि वह कानपुर पहुंच गए होंगे।
देर रात तक घर नहीं लौटे राजेश राजेश कुमार जब देर रात तक घर नहीं लौटे तो परिवार को लगा कि वह कानपुर पहुंच गए होंगे। इसी दौरान भरथना रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना जीआरपी को मिली। शव की पहचान न होने के कारण पुलिस ने उसे मोर्चरी में रखवा दिया था। गुरुवार सुबह पहचान होने के बाद परिवार को सूचना दी गई। जीआरपी की सूचना मिलने पर परिजन मोर्चरी पहुंचे। वहां उन्होंने शव की पहचान राजेश कुमार के रूप में की। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जीआरपी पुलिस शव का पोस्टमार्टम करा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा।
बेटे ने बताई पूरी बात मृतक के पुत्र आर्यन ने बताया कि उनके पिता राजमिस्त्री का काम करते थे। वह घर से यह कहकर निकले थे कि काम करने के बाद शाम को वहीं से कानपुर चले जाएंगे। परिवार के लोगों को लगा कि वह कानपुर पहुंच गए होंगे। गुरुवार सुबह पुलिस ने फोन करके बुलाया तो मोर्चरी पहुंचने पर पिता का शव मिला। पुलिस ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है। चार बच्चों को छोड़ गए राजेश कुमार अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस तरह राजेश की मौत की जानकारी मिलेगी, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। जीआरपी मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

