टेंडर घोटाला-IAS संतोष मल्ल से 8 घंटे पूछताछ:ED ने पूछा- रिशु श्री से आम क्यों मांग रहे थे, दिल्ली में डिलीवरी; 7% कमिशन के सवाल किए

टेंडर घोटाला-IAS संतोष मल्ल से 8 घंटे पूछताछ:ED ने पूछा- रिशु श्री से आम क्यों मांग रहे थे, दिल्ली में डिलीवरी; 7% कमिशन के सवाल किए

रिशु श्री से जुड़े टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज गुरुवार को IAS संतोष कुमार मल्ल से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। जांच टीम ने उनसे ठेकेदार रिशु श्री से संबंध, आम की डिलीवरी, दिल्ली में रहने वाले एक युवक से मुलाकात और 7 प्रतिशत कमीशन से जुड़े सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान IAS अधिकारी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने से बचते रहे। ED की टीम ने उनसे पूछा कि आम का क्या मामला था? वह ठेकेदार रिशु श्री से आम क्यों मांग रहे थे? दिल्ली में आम की डिलीवरी क्यों चाहिए थी? अधिकारियों ने यह भी जानने की कोशिश की कि दिल्ली में रहने वाला वह युवक कौन था, जिसे रिशु श्री ने उनसे मिलने के लिए भेजा था। इसके अलावा, संतोष कुमार मल्ल से पूछा गया कि वह रिशु श्री को कब से और कैसे जानते हैं। दोनों के बीच संबंधों और कथित 7 प्रतिशत कमीशन को लेकर भी सवाल किए गए। ED इस पूछताछ के जरिए सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता, अधिकारियों और ठेकेदार के बीच संबंधों तथा संभावित लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। धर्मेंद्र कुमार से 6 घंटे तक हुई थी पूछताछ इससे पहले बुधवार को IAS धर्मेंद्र कुमार भी ED के नोटिस पर पटना स्थित कार्यालय पहुंचे थे। उनसे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक करीब 6 घंटे पूछताछ हुई थी। सूत्रों के अनुसार, ED ने धर्मेंद्र कुमार से पूछा था कि रिशु श्री से उनकी जान-पहचान कैसे हुई और दोनों के बीच नजदीकियों की वजह क्या थी। उनसे यह भी सवाल किया गया था कि रिशु श्री ने उन्हें विदेश यात्रा क्यों करवाई थी। ED इस मामले में जरूरत पड़ने पर धर्मेंद्र कुमार को दोबारा पूछताछ के लिए बुला सकती है। इससे पहले सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को IAS सुनील यादव से पूछताछ की गई थी। सुनील यादव से करीब साढ़े सात घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। 6 IAS अधिकारियों को भेजा गया था समन ED ने इस मामले में आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव को समन भेजा था। योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा था, जबकि अन्य अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच का केंद्र सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता और रिशु श्री के अधिकारियों से संबंध हैं। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई थी जांच रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि रिशु श्री एक छोटा मोहरा है और पूछा था कि बड़े अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच तेज हुई और ED ने IAS अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ शुरू की। पहले जानिए कौन है रिशु श्री? रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने भी मामला दर्ज किया था। ED की जांच के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर फायदा पहुंचाता था। इसके बदले उसे सरकारी टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले ही मिल जाती थी। आरोप है कि वह अधिकारियों से सांठगांठ कर टेंडर की शर्तों में बदलाव करवाता और अपनी पसंद के ठेकेदारों को काम दिलाने की कोशिश करता था। इसके बदले कमीशन लिए जाने और उसका हिस्सा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने की आशंका भी जांच के दायरे में रही है। पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने का भी आरोप जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी ठेके हासिल करने के लिए अपनी पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने की कोशिश करता था। जांच में मुमुक्षु चौधरी के बयान का भी जिक्र किया गया था। आरोप के मुताबिक, सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए रिशु श्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को 25 लाख रुपए दिए थे। विदेश यात्राओं और सरकारी ठेकों की भी जांच ED की जांच में BUDCO के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का भी जिक्र आया था। आरोप था कि रिशु श्री ने उनके परिवार के छह सदस्यों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। जून 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा कराए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। इसी तरह, IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपए खर्च किए जाने का आरोप सामने आया था। जांच में दोनों के बीच व्हाट्सऐप चैट का भी जिक्र किया गया था। BMSICL के तत्कालीन MD धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्राएं भी जांच के दायरे में आई थीं। जांच एजेंसी इन यात्राओं और रिशु श्री से जुड़ी संस्थाओं को मिले ठेकों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही थी। टेंडर की शर्तें पहले हासिल करने का आरोप ED की जांच के अनुसार, रिशु श्री पर अधिकारियों को कथित लाभ पहुंचाकर टेंडर की शर्तों को प्रभावित करने का आरोप था। एजेंसी को आशंका थी कि टेंडर जारी होने से पहले ही उसे शर्तों की जानकारी मिल जाती थी और वह अपनी पसंद के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश करता था। मामले में 265.73 करोड़ रुपए की संपत्ति का भी जिक्र सामने आया था। छापेमारी के दौरान रिशु श्री के घर से नकदी और जेवरात मिलने की बात भी सामने आई थी। ED अधिकारियों को धमकी देने का भी आरोप 10 सितंबर 2025 को ED ने पटना के SSP को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या की धमकी दे रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह समन से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का भी सहारा ले चुका था। अब ED IAS अधिकारियों से पूछताछ के जरिए सरकारी टेंडरों, कथित कमीशन, विदेश यात्राओं और रिशु श्री के साथ उनके संबंधों की जांच कर रही है। संतोष कुमार मल्ल से पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है। रिशु श्री से जुड़े टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज गुरुवार को IAS संतोष कुमार मल्ल से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। जांच टीम ने उनसे ठेकेदार रिशु श्री से संबंध, आम की डिलीवरी, दिल्ली में रहने वाले एक युवक से मुलाकात और 7 प्रतिशत कमीशन से जुड़े सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान IAS अधिकारी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने से बचते रहे। ED की टीम ने उनसे पूछा कि आम का क्या मामला था? वह ठेकेदार रिशु श्री से आम क्यों मांग रहे थे? दिल्ली में आम की डिलीवरी क्यों चाहिए थी? अधिकारियों ने यह भी जानने की कोशिश की कि दिल्ली में रहने वाला वह युवक कौन था, जिसे रिशु श्री ने उनसे मिलने के लिए भेजा था। इसके अलावा, संतोष कुमार मल्ल से पूछा गया कि वह रिशु श्री को कब से और कैसे जानते हैं। दोनों के बीच संबंधों और कथित 7 प्रतिशत कमीशन को लेकर भी सवाल किए गए। ED इस पूछताछ के जरिए सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता, अधिकारियों और ठेकेदार के बीच संबंधों तथा संभावित लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। धर्मेंद्र कुमार से 6 घंटे तक हुई थी पूछताछ इससे पहले बुधवार को IAS धर्मेंद्र कुमार भी ED के नोटिस पर पटना स्थित कार्यालय पहुंचे थे। उनसे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक करीब 6 घंटे पूछताछ हुई थी। सूत्रों के अनुसार, ED ने धर्मेंद्र कुमार से पूछा था कि रिशु श्री से उनकी जान-पहचान कैसे हुई और दोनों के बीच नजदीकियों की वजह क्या थी। उनसे यह भी सवाल किया गया था कि रिशु श्री ने उन्हें विदेश यात्रा क्यों करवाई थी। ED इस मामले में जरूरत पड़ने पर धर्मेंद्र कुमार को दोबारा पूछताछ के लिए बुला सकती है। इससे पहले सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को IAS सुनील यादव से पूछताछ की गई थी। सुनील यादव से करीब साढ़े सात घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। 6 IAS अधिकारियों को भेजा गया था समन ED ने इस मामले में आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव को समन भेजा था। योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा था, जबकि अन्य अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच का केंद्र सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता और रिशु श्री के अधिकारियों से संबंध हैं। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई थी जांच रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि रिशु श्री एक छोटा मोहरा है और पूछा था कि बड़े अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच तेज हुई और ED ने IAS अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ शुरू की। पहले जानिए कौन है रिशु श्री? रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने भी मामला दर्ज किया था। ED की जांच के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर फायदा पहुंचाता था। इसके बदले उसे सरकारी टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले ही मिल जाती थी। आरोप है कि वह अधिकारियों से सांठगांठ कर टेंडर की शर्तों में बदलाव करवाता और अपनी पसंद के ठेकेदारों को काम दिलाने की कोशिश करता था। इसके बदले कमीशन लिए जाने और उसका हिस्सा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने की आशंका भी जांच के दायरे में रही है। पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने का भी आरोप जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी ठेके हासिल करने के लिए अपनी पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने की कोशिश करता था। जांच में मुमुक्षु चौधरी के बयान का भी जिक्र किया गया था। आरोप के मुताबिक, सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए रिशु श्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को 25 लाख रुपए दिए थे। विदेश यात्राओं और सरकारी ठेकों की भी जांच ED की जांच में BUDCO के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का भी जिक्र आया था। आरोप था कि रिशु श्री ने उनके परिवार के छह सदस्यों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। जून 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा कराए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। इसी तरह, IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपए खर्च किए जाने का आरोप सामने आया था। जांच में दोनों के बीच व्हाट्सऐप चैट का भी जिक्र किया गया था। BMSICL के तत्कालीन MD धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्राएं भी जांच के दायरे में आई थीं। जांच एजेंसी इन यात्राओं और रिशु श्री से जुड़ी संस्थाओं को मिले ठेकों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही थी। टेंडर की शर्तें पहले हासिल करने का आरोप ED की जांच के अनुसार, रिशु श्री पर अधिकारियों को कथित लाभ पहुंचाकर टेंडर की शर्तों को प्रभावित करने का आरोप था। एजेंसी को आशंका थी कि टेंडर जारी होने से पहले ही उसे शर्तों की जानकारी मिल जाती थी और वह अपनी पसंद के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश करता था। मामले में 265.73 करोड़ रुपए की संपत्ति का भी जिक्र सामने आया था। छापेमारी के दौरान रिशु श्री के घर से नकदी और जेवरात मिलने की बात भी सामने आई थी। ED अधिकारियों को धमकी देने का भी आरोप 10 सितंबर 2025 को ED ने पटना के SSP को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या की धमकी दे रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह समन से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का भी सहारा ले चुका था। अब ED IAS अधिकारियों से पूछताछ के जरिए सरकारी टेंडरों, कथित कमीशन, विदेश यात्राओं और रिशु श्री के साथ उनके संबंधों की जांच कर रही है। संतोष कुमार मल्ल से पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है।  

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