टूटी दीवार से जोधपुर DRM ऑफिस में घुसीं कचरा बीनने वाली 3 महिलाएं, 6 घंटे में कॉपर केबल चोरी में गिरफ्तार

टूटी दीवार से जोधपुर DRM ऑफिस में घुसीं कचरा बीनने वाली 3 महिलाएं, 6 घंटे में कॉपर केबल चोरी में गिरफ्तार

DRM Office Jodhpur: जोधपुर डीआरएम कार्यालय परिसर से रेलवे केबल चोरी के मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने महज छह घंटे में खुलासा करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 500 मीटर कॉपर वायर समेत पूरी रेलवे संपत्ति बरामद कर ली गई। बरामद केबल की कीमत 51,205 रुपए बताई गई है। रेलवे टेलीकॉम के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मनीष ने 13 अगस्त को आरपीएफ को रिपोर्ट दी थी कि डीआरएम कार्यालय के बरामदे में रखे 20 पेयर पीवीसी इंसुलेटेड केबल के दो बंडल चोरी हो गए। इसके बाद रेलवे संपत्ति चोरी का विशेष रिपोर्ट प्रकरण दर्ज किया गया।

मामले में आरपीएफ जयपुर के महानिरीक्षक सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा, मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त नितिश शर्मा के निर्देशन तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त मुकेश पंवार के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई। आरपीएफ पोस्ट जोधपुर के निरीक्षक लक्ष्मण गौड़ के नेतृत्व में टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए वारदात के छह के भीतर कांता को डिटेन कर लिया।

पूछताछ में हुआ खुलासा

पूछताछ के बाद शुक्रवार को सीता घंटे और गंगा को भी पकड़ लिया गया। कांता और सीता के घर से चोरी की गई पूरी केबल बरामद कर ली गई। आरोपी कांता (35), सीता (26) और गंगा (34), निवासी सांसी कॉलोनी, पांचबत्ती, रातानाडा अतिरिक्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रेलवे जोधपुर महानगर के समक्ष पेश किया गया।

न्यायालय के आदेश पर तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कार्रवाई करने वाली टीम में उप निरीक्षक सिद्धार्थ सिंह, हेड कांस्टेबल प्रकाश चन्द्र, सहायक उप निरीक्षक अजीत खान, कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल विपिन कुमार और महिला कांस्टेबल प्रमोद कुमारी शामिल रहे। मामले की जांच निरीक्षक लक्ष्मण गौड़ कर रहे हैं।

निर्माण कार्य की टूटी दीवार से घुसीं

पूछताछ में सामने आया कि तीनों महिलाएं जोधपुर में कचरा बीनने का काम करती हैं। रेलवे परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान टूटी दीवार का फायदा उठाकर उन्होंने अंदर प्रवेश किया। गंगा बाहर निगरानी करती रही, जबकि कांता और सीता ने केबल चोरी की। आरपीएफ के अनुसार कांता पूर्व में भी रेलवे संपत्ति चोरी के मामले में पकड़ी जा चुकी है और उसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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