Tiger Shroff Firing Case: बीते मंगलवार (20 अक्टूबर) को, टाइगर श्रॉफ की मां आयशा श्रॉफ, KEM अस्पताल पहुंची। उन्होंने वहां 35 वर्षीय व्लॉगर उमेश चौहान का हाल-चाल जाना, जो रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग में घायल हो गए थे। जुहू में बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने टाइगर की कार पर कई राउंड फायरिंग की थी, जिसमें एक गोली गलती से चौहान के सीने में लग गई।
टाइगर श्रॉफ की मां ने KEM अस्पताल में घायल व्लॉगर से मुलाकात की
चौहान के साथी व्लॉगर किसान राजभर, जो उन्हें अस्पताल लेकर गए थे, उन्होंने इस मुलाकात के बारे में बताया: “उन्होंने चौहान की सेहत के बारे में पूछा और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने उनके दोस्तों को अपना फोन नंबर भी दिया और कहा कि सर्जरी के बारे में उन्हें जरूर बताएं।”
टाइगर श्रॉफ को केवल मामूली खरोंचें आईं, लेकिन चौहान अभी भी ICU में हैं। डॉक्टर सर्जरी के जरिए उनके शरीर से गोली निकालने की तैयारी कर रहे हैं। यह सर्जरी बुधवार (21 अक्टूबर) को होनी है।
टाइगर श्रॉफ की मां के इस कदम ने व्लॉगर के परिवार और दोस्तों का दिल जीत लिया
राजभर ने बताया कि आयशा श्रॉफ के आने से चौहान और अस्पताल में उनके साथ मौजूद दोस्त काफी भावुक हो गए। ICU में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “वह काफी भावुक थीं, क्योंकि उन्हें एहसास हुआ होगा कि यह व्यक्ति उस हमले में घायल हुआ है, जो असल में उनके बेटे पर किया गया था। उनका यहाँ आना बहुत ही संवेदनशील कदम था।” चौहान के पिता मंगलवार रात उत्तर प्रदेश से मुंबई पहुँच सकते हैं। वहीं, डॉक्टरों ने व्लॉगर की गर्भवती पत्नी और बेटे को अस्पताल से दूर रहने की सलाह दी है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में चार लोग गिरफ्तार
मंगलवार को एक अधिकारी ने PTI को बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं। ये सभी मुंबई में अभिनेता की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में पकड़े गए हैं। जाँचकर्ताओं का मानना है कि यह समूह विदेश से काम करने वाले गैंगस्टर अनिल पंडित के इशारे पर काम कर रहा था। गिरफ्तार किए गए लोगों में हरियाणा के सोनीपत जिले के कुणाल (21) और सुमित (19) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की रहने वालीं राधा (23) और बबीता (23) शामिल हैं। अधिकारी ने बताया, “शुरुआत में इन चारों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(1)(b) के तहत अदालत में पेश किया गया। इसके बाद, मुंबई में महाराष्ट्र पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने और औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए एक आवेदन दायर किया। अदालत ने इस अर्जी को स्वीकार कर लिया और मुंबई पुलिस की टीम को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी।”

