झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। इसके प्रभाव से आज राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज के लिए गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले 24 घंटे मौसम के लिए महत्वपूर्ण मौसम विभाग के अनुसार निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके कारण झारखंड में अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने की संभावना है। रांची और आसपास के इलाकों में भी दिनभर बादल छाये रहने तथा मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। एक और दो सितंबर को भी बारिश मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश का असर 31 अगस्त के बाद भी बना रहेगा। 1 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में यलो अलर्ट रहेगा। वहीं 2 सितंबर को गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 1 और 2 सितंबर को भी दो या अधिक बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 3 सितंबर से बारिश की गतिविधि कमजोर पड़ने के संकेत हैं, हालांकि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 4 सितंबर को रांची समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और 5 सितंबर को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई है। भारी बारिश वाले नौ जिलों में जलभराव को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत और मौसम सुहावना रहने की संभावना है। रांची में सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सामान्य से कमी घटकर आठ फीसदी रह गई मानसून की सक्रियता के बीच झारखंड में बारिश का आंकड़ा भी सामान्य के करीब पहुंच रहा है। 1 जून से 30 अगस्त तक राज्य में 729.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 792.5 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब सामान्य से केवल आठ फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि, कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी अधिक, लातेहार में 23 फीसदी अधिक, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी अधिक और रांची में 8 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले 30 अगस्त को भी रांची, खूंटी, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज में वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। वज्रपात से रहें सावधान, आईएमडी का अलर्ट मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चेतावनी वाले इलाकों में लोगों को खुले मैदान में जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने, बिजली के खंभों के आसपास रहने और जलाशयों के नजदीक जाने से बचने को कहा गया है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह भी दी गई है। उधर, बारिश के कारण धूल और प्रदूषक कणों में कमी आने से शहरी इलाकों में हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रहने की उम्मीद है। 30 अगस्त को जमशेदपुर का AQI 62, जबकि धनबाद का AQI 133 दर्ज किया गया था। ऐसे में बारिश के कारण जमशेदपुर समेत कई शहरों की हवा में सुधार की संभावना है। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। इसके प्रभाव से आज राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज के लिए गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले 24 घंटे मौसम के लिए महत्वपूर्ण मौसम विभाग के अनुसार निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके कारण झारखंड में अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने की संभावना है। रांची और आसपास के इलाकों में भी दिनभर बादल छाये रहने तथा मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। एक और दो सितंबर को भी बारिश मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश का असर 31 अगस्त के बाद भी बना रहेगा। 1 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में यलो अलर्ट रहेगा। वहीं 2 सितंबर को गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 1 और 2 सितंबर को भी दो या अधिक बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 3 सितंबर से बारिश की गतिविधि कमजोर पड़ने के संकेत हैं, हालांकि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 4 सितंबर को रांची समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और 5 सितंबर को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई है। भारी बारिश वाले नौ जिलों में जलभराव को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत और मौसम सुहावना रहने की संभावना है। रांची में सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सामान्य से कमी घटकर आठ फीसदी रह गई मानसून की सक्रियता के बीच झारखंड में बारिश का आंकड़ा भी सामान्य के करीब पहुंच रहा है। 1 जून से 30 अगस्त तक राज्य में 729.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 792.5 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब सामान्य से केवल आठ फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि, कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी अधिक, लातेहार में 23 फीसदी अधिक, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी अधिक और रांची में 8 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले 30 अगस्त को भी रांची, खूंटी, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज में वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। वज्रपात से रहें सावधान, आईएमडी का अलर्ट मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चेतावनी वाले इलाकों में लोगों को खुले मैदान में जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने, बिजली के खंभों के आसपास रहने और जलाशयों के नजदीक जाने से बचने को कहा गया है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह भी दी गई है। उधर, बारिश के कारण धूल और प्रदूषक कणों में कमी आने से शहरी इलाकों में हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रहने की उम्मीद है। 30 अगस्त को जमशेदपुर का AQI 62, जबकि धनबाद का AQI 133 दर्ज किया गया था। ऐसे में बारिश के कारण जमशेदपुर समेत कई शहरों की हवा में सुधार की संभावना है।

