झाबुआ जिला मुख्यालय के शासकीय आदर्श महाविद्यालय में सोमवार को छात्र-छात्राओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन की खराब व्यवस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज परिसर में धरना दिया और नारेबाजी की। उन्होंने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए प्रशासन और प्राचार्य की सद्बुद्धि के लिए ‘रघुपति राघव राजा राम, सबको सन्मति दे भगवान’ भजन भी गाया। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रभारी प्राचार्य डॉ. पी. के. उछावर अपने कमरे में ही थे। प्रदर्शन स्थल से उनके केबिन की दूरी सिर्फ 20 फीट थी, फिर भी उन्हें छात्रों के बीच आने में पूरे दो घंटे लग गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झाबुआ के नायब तहसीलदार ललित नांदले मौके पर पहुंचे। उन्होंने ABVP पदाधिकारियों और छात्र-छात्राओं को समझाया। छात्रों ने बताया कि छात्राओं की मांग के बावजूद अब तक कॉमन रूम नहीं मिला है। कॉलेज में सेनेटरी पैड मशीनें भी नहीं लगाई गई हैं। उन्होंने खेलकूद की सामग्री में बड़े घोटाले और घटिया सामान मिलने का आरोप लगाया। छात्रों ने यह भी बताया कि पिछले साल की स्टेशनरी इस साल 2026 में बांटी जा रही है। छात्रों ने प्रोफेसर डॉ. दिलीप कुमार परसेंटिया पर आरोप लगाया कि वे कक्षाएं लेने नहीं आते हैं। वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर लिपिक पद का काम करवा रहे हैं। शौचालयों में पानी की व्यवस्था न होने पर छात्रों ने नाराजगी जताई। प्राचार्य ने बताया कि पानी की मोटर खराब है और उसे जल्द ठीक कराने का भरोसा दिया। ABVP के प्रांत मंत्री दर्शन कहार और छात्रा प्रमुख दिव्यानी अजनार ने छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी पर कॉलेज प्रबंधन की आलोचना की। इस मौके पर विभाग संयोजक अजय भूरिया, जिला संयोजक अमित चौहान, नगर मंत्री अभिनव सिंह बारिया, कॉलेज इकाई अध्यक्ष संदीप परमार, नगर सह मंत्री जितेंद्र निनामा, संजय परमार और अनिल बारिया भी मौजूद थे।

