सवाई माधोपुर जिले में भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही दिग्गज अपने-अपने क्षेत्र में अपनी अपनी साख बचा नहीं पाए। भाजपा जिला अध्यक्ष पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर गंगापुर सिटी नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनाने में असफल रहे। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं बामनवास की विधायक इंदिरा मीणा अपने ही गृह नगर बौंलीं में भी शिकस्त खा गई। इस तरह खंडार में पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बैरवा कांग्रेस का बोर्ड नहीं बनवा सके। जबकि कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा और खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल दोनों बोर्ड बनाने में सफल रहे। भाजपा को सवाई माधोपुर में मिली सबसे बड़ी जीत
सवाई माधोपुर में कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल ने प्रचंड बहुमत के साथ नगर परिषद में बोर्ड बनवाया। यहां भाजपा को 33 सीट मिली थी। जबकि कांग्रेस को 18 और 9 निर्दलीय जीते थे, लेकिन सभापति चुनाव में भाजपा को 43 और कांग्रेस को 15 वोट मिले। जबकि दो कांग्रेसी पार्षदों ने वोट नहीं डाले। इतना ही नहीं कांग्रेस के एक पार्षद क्रॉस वोट भी कर गया। 6 में से 4 नगर निकाय पर भाजपा
गंगापुर सिटी में 60 में से कांग्रेस ने 27 सीट जीती थी। यहां भाजपा के पास महज 17 सीट थी। शेष 16 सीटों पर निर्दलीय का कब्जा रहा। ऐसे में कांग्रेस ने निर्दलीय के सहयोग से गंगापुर सिटी में अपना बोर्ड बना लिया और कृष्ण कुमार को कांग्रेस का नया सभापति चुन लिया। जबकि भाजपा का गंगापुर सिटी में पिछले 15 सालों से एकाधिकार था। दूसरी ओर कांग्रेस की जिलाध्यक्ष एवं बामनवास की विधायक इंदिरा मीणा अपने ही गृह नगर बौंलीं में मात खा गई। 25 में से केवल 11 सीट ही नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस जीती थी। जबकि भाजपा ने 12 सीट जीती। यहां भाजपा ने एक निर्दलीय को मिलाकर 13 वोट हासिल किए और भाजपा के रतन पोसवाल नये नगर पालिका अध्यक्ष बने। इसी तरह वजीरपुर नगर पालिका में भी भाजपा ने अपना कब्जा जमाते हुए जगनी को नगर पालिका अध्यक्ष चुन लिया।वजीरपुर में 13 मत भाजपा को मिले तो 12 मत कांग्रेस को मिले। ऐसे में जिले के 6 नगर निकायों में से 4 भाजपा जीती।
बामनवास में कांग्रेस ने अपना दम दिखाते हुए रेखा मीणा को नए नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में चुन लिया। बामनवास में कांग्रेस को 12 मत मिले जबकि भाजपा को यहां 8 मत ही मिले।

