जैसलमेर नगर निकाय में सभापति की कुर्सी के लिए मुकाबला रोमांचक हो गया है। भाजपा ने जिस विजय डांगरा को वार्ड 32 में जीत के बाद सभापति पद का उम्मीदवार बनाया, उनके सामने कांग्रेस ने वार्ड चुनाव में हार चुके निर्मल पुरोहित को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने हाइब्रिड सिस्टम के तहत पुरोहित को पार्टी का सिंबल दिया है। अब 21 सितंबर को दोनों के बीच सभापति पद के लिए मतदान होगा। पढ़िए दोनों प्रत्याशियों की प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण वार्ड की जीत से सभापति की दावेदारी तक पहुंचे विजय डांगरा विजय डांगरा(42) ग्वार गम के बिजनेसमैन है। वार्ड 32 में उन्होंने प्रवीण सुदा को हराकर जीत दर्ज की। नामांकन शपथ पत्र के अनुसार डांगरा की चल-अचल संपत्ति 5 करोड़ रुपए से अधिक है। रामगढ़, सम, किशनघाट, जैसलमेर और कनोई में कृषि भूमि के साथ जैसलमेर और राजकोट में व्यावसायिक संपत्तियां हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वार्ड में हारे, लेकिन सभापति पद पर दावेदार हैं निर्मल पुरोहित
निर्मल पुरोहित(41) पहले भी कांग्रेस के टिकट पर पार्षद रह चुके हैं। इस बार वार्ड 33 में उन्हें भाजपा के मुकेश नागौरी से हार मिली। इसके बावजूद कांग्रेस ने उन्हें सभापति पद के लिए सिंबल देकर बड़ा दांव खेला है। पुरोहित बिजनसेमैन हैं। शपथ पत्र के अनुसार, उनकी चल-अचल संपत्ति भी 5 करोड़ रुपए से अधिक है। उनके खिलाफ भी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्षदों के समर्थन से तय होगी कुर्सी
दोनों प्रत्याशियों की संपत्ति और कारोबारी बैकग्राउंड में ज्यादा अंतर नहीं है। हालांकि चुनाव का असली गणित पार्षदों के समर्थन और दलों की रणनीति पर निर्भर करेगा। दोनों ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि वार्ड चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच 21 सितंबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि जैसलमेर नगर निकाय की कमान किसके हाथ जाएगी। फिलहाल दोनों ने पार्षदों को साधने की तैयारी शुरू कर दी है। ……………………….. जैसलमेर निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जैसलमेर में कांग्रेस ने हारे हुए प्रत्याशी को बनाया उम्मीदवार:भाजपा के 2 दावेदारों के आवेदन जमा, सिंबल मिलने का इंतजार जैसलमेर में BJP को बहुमत, 25 वार्डों में जीती:16 पर कांग्रेस, 4 पर निर्दलीय, 45 वार्डों में नतीजे आए सामने

