जेडीए ने अवैध व्यावसायिक गतिविधि का दिया नोटिस, ट्रिब्यूनल में सामने आया आवासीय जमीन का एंगल

जेडीए ने अवैध व्यावसायिक गतिविधि का दिया नोटिस, ट्रिब्यूनल में सामने आया आवासीय जमीन का एंगल

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट की अवैध निर्माण और जमीन के गलत इस्तेमाल पर सख्ती के बीच जयपुर में भी भू-उपयोग को लेकर मामला सामने आया है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने एक संपत्ति को कथित अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में नोटिस जारी किया। इसके बाद मामला जेडीए अपीलीय अधिकरण पहुंचा, जहां संपत्ति के आवासीय होने का तर्क दिया गया।

जेडीए के 13 जुलाई 2026 के नोटिस में संबंधित जमीन पर बिना आवश्यक अनुमति और स्वीकृति के व्यावसायिक गतिविधि संचालित किए जाने का आरोप लगाया गया था। वहीं 10 अगस्त के ट्रिब्यूनल आदेश में अपीलार्थी की ओर से दलील दी गई कि जमीन का 16 सितंबर 2005 को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 90बी के तहत भू-परिवर्तन हो चुका था और वह कृषि भूमि नहीं रही। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है, अगर जमीन आवासीय है तो क्या उस पर होटल या रिसॉर्ट चलाना अपने आप वैध हो जाता है।

90बी के दायरे पर भी सवाल

इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि 90बी के तहत जमीन के कितने हिस्से का भू-परिवर्तन हुआ था। अगर केवल किसी हिस्से का भू-परिवर्तन हुआ था तो क्या उसके आधार पर पूरी संपत्ति को आवासीय माना जा सकता है। साथ ही क्या भू-परिवर्तन होने से बाकी हिस्से पर हुए निर्माण और उसके इस्तेमाल को वैधता मिल जाती है।

आवासीय जमीन का मतलब होटल की अनुमति नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार किसी जमीन का आवासीय भू-उपयोग होना अलग बात है। जबकि उस पर बने भवन का स्वीकृत होना अलग है। ऐसे में अगर किसी होटल या रिसॉर्ट का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के हुआ है। या स्वीकृत भवन योजना के विपरीत है तो सिर्फ आवासीय भू-उपयोग का हवाला देकर उसे वैध नहीं माना जा सकता। इसलिए यह भी अहम है कि संबंधित निर्माण का नक्शा पास है या नहीं और मौके पर मौजूद निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप है या नहीं।

हालांकि, JDAT का आदेश रिसॉर्ट को अंतिम रूप से वैध घोषित करने वाला आदेश नहीं है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि मौके के निरीक्षण में व्यावसायिक गतिविधि पाई जाती है, तो JDA नियमानुसार नोटिस और आगे की कार्रवाई कर सकता है।

ऐसे में अब निगाह JDA की अगली कार्रवाई पर है। क्या वह 90बी के वास्तविक दायरे, जमीन के रिकॉर्ड, स्वीकृत नक्शे और मौके पर चल रही गतिविधि की अलग-अलग जांच करेगा। क्योंकि होटल का व्यावसायिक इस्तेमाल वैध नहीं है तो क्या उसे सिर्फ हवेली या आवासीय भवन बताकर कार्रवाई से बचाया जा सकता है।

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