जालंधर में डेरा सचखंड बल्लां से जुड़े मामले में बीती रात कआदमपुर थाने के बाहर हुआ विरोध-प्रदर्शन लगभग डेढ़ घंटे बाद ही खत्म हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने ‘बिल्ला’ नाम के एक व्यक्ति पर सोशल मीडिया पर डेरे और संत निरंजन दास जी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डालने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ताओं की तरफ से अभी तक कोई ठोस सबूत या तथ्य पेश नहीं किए गए हैं, जिसके आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
दो गुटों में आपसी विवाद का मामला सामने आया थाना SHO परविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि करतारपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध डेरा सचखंड बल्लां से जुड़े कुछ व्यक्तियों और गुटों के बीच आपसी मनमुटाव का मामला सामने आया था। इसी आपसी मतभेद के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ पोस्ट शेयर की गईं। शिकायतकर्ताओं बलवीर सिंह जो की डेरा बल्ला के रहने वाले है। उनका आरोप था कि इन पोस्ट्स में डेरे की धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की गई हैं। आरोपी व्यक्ति की पहचान ‘बिल्ला’ के रूप में की गई है, जिस पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, यह शिकायत चमो गांव के निवासी बलवीर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है, जो खुद को डेरा सचखंड बल्लां का श्रद्धालु और उपासक बताते हैं।
रविदास समाज के लोगों ने किया था थाने का घेराव
शिकायत मिलने के बाद रविदास समाज और स्थानीय संगठनों के लोग इकट्ठा होकर थाने के बाहर पहुंचे थे और अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस प्रशासन के साथ हुई बातचीत और त्वरित हस्तक्षेप के बाद यह प्रदर्शन लगभग 1 से 1.5 घंटे के भीतर ही शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया। SHO परविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि शिकायत ले ली गई है, लेकिन अभी तक आरोपी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री का कोई लिखित या डिजिटल प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

