जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने किसानों को दिल्ली कूच से रोकने का विरोध किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी से पूछा कि क्या लोकतंत्र में किसी को बोलने का हक नहीं है।
51 किसानों का एक जत्था शांतिपूर्ण ढंग से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर मार्च कर रहा था, जिसे रोकने के लिए हरियाणा की भाजपा सरकार ने सीमाओं को कंक्रीट के बड़े-बड़े ब्लॉक लगाकर पूरी तरह सील कर दिया है।
देश में 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने के ठीक अगले ही दिन पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसान राजधानी दिल्ली जा रहे थे।किसान संगठनों का तर्क है कि यह व्यापार समझौता किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हितों के लिए बड़ा खतरा है। परगट सिंह ने सीमाओं को इस तरह बंद किए जाने के बाद किसान नेताओं और विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या देश के किसानों को अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और यात्रा करने की संवैधानिक स्वतंत्रता भी नहीं है? इसके साथ ही इस पूरे घटनाक्रम पर देश की संवैधानिक संस्थाओं, अदालतों और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की खामोशी पर भी गहरे सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बोले-फायरिंग में मरे किसान के मामले में आप ने नहीं की कार्रवाई
परगट सिंह ने मामले को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की भूमिका पर भी निशाना साधा है। सवाल उठाया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस द्वारा पंजाब की सीमा में घुसकर की गई पेलेट गन फायरिंग और उसमें हुई किसान की मृत्यु के बावजूद भगवंत मान सरकार ने अब तक इस मामले में संबंधित हरियाणा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज क्यों नहीं की है? सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात है और तनाव बरकरार है।


