फर्रुखाबाद में 13 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम संजय कुमार की अदालत ने दोषी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव महलई का है। वृंदावन ने 17 मई 2013 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा गिरीश दिल्ली में ड्राइवर का काम करता था। 15 मई 2013 को गिरीश और सुनील के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ था। इसके बाद 16 मई की रात करीब 11 बजे सुनील अपने भाई अवनीश और पिता रामनिवास के साथ वृंदावन के घर पहुंचा। उस समय वृंदावन की बेटी सपना घर पर सो रही थी। आरोपियों ने दीवार की आड़ से सपना को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। पुलिस ने सुनील के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष के सबूतों और गवाहों के बयान सुनने के बाद अदालत ने सुनील को 24 सितंबर को दोषी ठहराया था।

