बक्सर में 30 सितंबर को राष्ट्रीय परशुराम परिषद के नेतृत्व में न्याय पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा जातिगत आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सवर्ण आयोग के गठन की मांग भी उठाई जाएगी। पदयात्रा सुबह 11 बजे ज्योति चौक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक जाएगी। पदयात्रा की तैयारियों पर हुई बैठक पदयात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को पीपी रोड स्थित शिवशक्ति धर्मशाला में राष्ट्रीय परशुराम परिषद की बक्सर जिला टीम की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने की। संचालन जिला महामंत्री राहुल राय ने किया, जबकि महामंत्री अभिषेक मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। प्रदेश पदाधिकारी भी रहे मौजूद बैठक में प्रदेश महामंत्री नंदकुमार तिवारी और प्रदेश प्रवक्ता मल्लिकार्जुन राय समेत संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान 30 सितंबर को प्रस्तावित पदयात्रा की तैयारियों और जनभागीदारी बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। हर पदाधिकारी को लोगों को जोड़ने का लक्ष्य बैठक में पदयात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। संगठन के पदाधिकारियों को जनसंपर्क कर लोगों को पदयात्रा के उद्देश्य और मांगों के बारे में जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश और जिला स्तर के प्रत्येक पदाधिकारी को कम से कम पांच लोगों को पदयात्रा में शामिल कराने का लक्ष्य दिया गया है। पदयात्रा में नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले पदाधिकारियों को कम से कम 20 लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। संगठन ने इसके लिए पदाधिकारियों से लगातार क्षेत्र में संपर्क करने की अपील की। 30 सितंबर तक रोज दो घंटे जनसंपर्क संगठन ने पदयात्रा से पहले 30 सितंबर तक प्रतिदिन दो घंटे जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी पदयात्रा का प्रचार-प्रसार करने की रणनीति बनाई गई है। पदयात्रा में शामिल होने वाले लोगों से तिरंगा झंडा साथ लाने की अपील की गई है। इसके अलावा मांगों से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां लेकर आने को भी कहा गया है। आंदोलन प्रभारी को भी मिली जिम्मेदारी बैठक में आंदोलन प्रभारी राहुल पांडेय और सह-प्रभारी मुकुंद सनातन समेत कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संगठन की ओर से पदयात्रा को लेकर अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया। संगठन ने कहा कि अब केवल तैयारी का नहीं, बल्कि जनभागीदारी का समय है। 30 सितंबर को पदयात्रा के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रखी जाएंगी। बक्सर में 30 सितंबर को राष्ट्रीय परशुराम परिषद के नेतृत्व में न्याय पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा जातिगत आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सवर्ण आयोग के गठन की मांग भी उठाई जाएगी। पदयात्रा सुबह 11 बजे ज्योति चौक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक जाएगी। पदयात्रा की तैयारियों पर हुई बैठक पदयात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को पीपी रोड स्थित शिवशक्ति धर्मशाला में राष्ट्रीय परशुराम परिषद की बक्सर जिला टीम की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने की। संचालन जिला महामंत्री राहुल राय ने किया, जबकि महामंत्री अभिषेक मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। प्रदेश पदाधिकारी भी रहे मौजूद बैठक में प्रदेश महामंत्री नंदकुमार तिवारी और प्रदेश प्रवक्ता मल्लिकार्जुन राय समेत संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान 30 सितंबर को प्रस्तावित पदयात्रा की तैयारियों और जनभागीदारी बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। हर पदाधिकारी को लोगों को जोड़ने का लक्ष्य बैठक में पदयात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। संगठन के पदाधिकारियों को जनसंपर्क कर लोगों को पदयात्रा के उद्देश्य और मांगों के बारे में जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश और जिला स्तर के प्रत्येक पदाधिकारी को कम से कम पांच लोगों को पदयात्रा में शामिल कराने का लक्ष्य दिया गया है। पदयात्रा में नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले पदाधिकारियों को कम से कम 20 लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। संगठन ने इसके लिए पदाधिकारियों से लगातार क्षेत्र में संपर्क करने की अपील की। 30 सितंबर तक रोज दो घंटे जनसंपर्क संगठन ने पदयात्रा से पहले 30 सितंबर तक प्रतिदिन दो घंटे जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी पदयात्रा का प्रचार-प्रसार करने की रणनीति बनाई गई है। पदयात्रा में शामिल होने वाले लोगों से तिरंगा झंडा साथ लाने की अपील की गई है। इसके अलावा मांगों से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां लेकर आने को भी कहा गया है। आंदोलन प्रभारी को भी मिली जिम्मेदारी बैठक में आंदोलन प्रभारी राहुल पांडेय और सह-प्रभारी मुकुंद सनातन समेत कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संगठन की ओर से पदयात्रा को लेकर अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया। संगठन ने कहा कि अब केवल तैयारी का नहीं, बल्कि जनभागीदारी का समय है। 30 सितंबर को पदयात्रा के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रखी जाएंगी।

