जहानाबाद में युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह:युवा संवाद कार्यक्रम में DM ने किया उद्घाटन, डॉक्टरों ने बताए नशे के नुकसान

जहानाबाद में युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह:युवा संवाद कार्यक्रम में DM ने किया उद्घाटन, डॉक्टरों ने बताए नशे के नुकसान

जहानाबाद में नशा मुक्ति अभियान के तहत युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने किया। इसमें मनोचिकित्सक डॉ. शिखा और मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. प्रिया ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। इस दौरान उन्हें नशे से होने वाली शारीरिक और मानसिक समस्याओं के साथ इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। नशे की लत से स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर असर कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि युवाओं में नशे की लत चिंता का विषय है। नशे का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है। लंबे समय तक नशा करने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इससे व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ने के साथ उसकी कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। कुछ मामलों में नशे की लत जानलेवा साबित हो सकती है। चिकित्सकों ने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की आदत पड़ गई है, तो उसे समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। तनाव और अवसाद भी बन सकते हैं नशे की वजह जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जहानाबाद सहित पूरे बिहार को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग तनाव और अवसाद जैसी परिस्थितियों से गुजरते हैं। ऐसे में कुछ लोग धीरे-धीरे नशे की लत के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि नशे की वजह से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो सकता है। उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और वह गलत गतिविधियों में भी शामिल हो सकता है। युवाओं से खुद जागरूक रहने और दूसरों को जागरूक करने की अपील DM ने युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इससे बाहर निकालने में परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं की भागीदारी से नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। जहानाबाद में नशा मुक्ति अभियान के तहत युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने किया। इसमें मनोचिकित्सक डॉ. शिखा और मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. प्रिया ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। इस दौरान उन्हें नशे से होने वाली शारीरिक और मानसिक समस्याओं के साथ इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। नशे की लत से स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर असर कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि युवाओं में नशे की लत चिंता का विषय है। नशे का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है। लंबे समय तक नशा करने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इससे व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ने के साथ उसकी कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। कुछ मामलों में नशे की लत जानलेवा साबित हो सकती है। चिकित्सकों ने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की आदत पड़ गई है, तो उसे समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। तनाव और अवसाद भी बन सकते हैं नशे की वजह जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जहानाबाद सहित पूरे बिहार को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग तनाव और अवसाद जैसी परिस्थितियों से गुजरते हैं। ऐसे में कुछ लोग धीरे-धीरे नशे की लत के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि नशे की वजह से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो सकता है। उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और वह गलत गतिविधियों में भी शामिल हो सकता है। युवाओं से खुद जागरूक रहने और दूसरों को जागरूक करने की अपील DM ने युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इससे बाहर निकालने में परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं की भागीदारी से नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *