अमृतसर में भगवान वाल्मीकि जी को लेकर दिए गए बयान के विरोध में विवाद बढ़ता जा रहा है। आज नगर निगम कार्यालय के बाहर वाल्मीकि समाज के कुछ नेताओं की ओर से मेयर जतिंदर सिंह भाटिया का पुतला फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने मेयर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह विवाद मेयर की ओर से एक मंच पर भगवान वाल्मीकि जी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। मेयर माफी मांग चुके, फिर भी धरना क्यों वहीं, इस मामले में भगवान वाल्मीकि धुन्ना साहिब ट्रस्ट अमृतसर के मुखी संत मलकीत नाथ ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मेयर भाटिया अपनी गलती के लिए पावन वाल्मीकि तीर्थ पर माथा टेककर माफी मांग चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ज्ञान आश्रम में जाकर भी माफी मांगी है। इसके बावजूद कुछ लोग धरना दे रहे हैं और पुतले जला रहे हैं। संत मलकीत नाथ ने कहा है कि इन लोगों को समाज की ओर से भी समर्थन नहीं मिल रहा है। पावन वाल्मीकि तीर्थ और ज्ञान आश्रम भी इनके साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भगवान वाल्मीकि जी के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और तीर्थ के नाम पर कथित तौर पर ठगी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मेयर से भी पैसे मांगे थे। चार दिन का अल्टीमेटम, SSP दफ्तर घेरने की चेतावनी संत मलकीत नाथ ने प्रशासन से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 4 दिनों के भीतर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण एसएसपी के पुतले जलाए जाएंगे और उनके कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी के नाम पर समाज को गुमराह करने वालों के खिलाफ प्रशासन को कदम उठाना चाहिए।

