शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शनिवार, 17 अक्टूबर को जहानाबाद जिले के पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट खुल गए। पट खुलते ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुर्गापूजा और दशहरा का उत्साह बढ़ गया है। आकर्षक ढंग से सजे पूजा पंडालों में भक्तों की चहल-पहल बनी हुई है। नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की गई। श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को होगा समापन इधर, घोसी के भारथु गांव में 13 अक्टूबर से श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। इसका समापन सोमवार, 19 अक्टूबर को होगा। कथावाचक विकास पराशर महाराज भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन कर रहे हैं। कथा सुनने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। दोनों आयोजनों से जिले में दुर्गापूजा और दशहरा का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शनिवार, 17 अक्टूबर को जहानाबाद जिले के पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट खुल गए। पट खुलते ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुर्गापूजा और दशहरा का उत्साह बढ़ गया है। आकर्षक ढंग से सजे पूजा पंडालों में भक्तों की चहल-पहल बनी हुई है। नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की गई। श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को होगा समापन इधर, घोसी के भारथु गांव में 13 अक्टूबर से श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। इसका समापन सोमवार, 19 अक्टूबर को होगा। कथावाचक विकास पराशर महाराज भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन कर रहे हैं। कथा सुनने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। दोनों आयोजनों से जिले में दुर्गापूजा और दशहरा का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

