जहानाबाद के वार्ड नंबर 24 में नदी किनारे कचरा डंप होने से लोग परेशान हैं। यहां लंबे समय से कचरे का ढेर लगा है। इससे निकलने वाली दुर्गंध, गंदगी और मच्छरों के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। खासकर ठाकुरबाड़ी स्थित धार्मिक स्थल के पास कचरा जमा होने से श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ में दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और वार्ड पार्षद को शिकायत दी है। कचरा हटाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि न तो सफाई होती है और न ही ब्लीचिंग पाउडर या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाता है। स्थानीय निवासी रजनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार नदियों को साफ रखने का अभियान चला रही है। वहीं, नदी किनारे ही कचरा डाला जा रहा है। इससे नदी में गंदगी बढ़ रही है और अतिक्रमण की स्थिति भी बन रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पास में कर्पूरी भवन है। यहां सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। कचरे के कारण लोगों को वहां आने-जाने में परेशानी होती है। कचरे के पास ही पीने के पानी का नल भी लगा है। गंदगी से पेयजल दूषित होने की आशंका है। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है। उन्होंने कचरा हटाने, नियमित सफाई और दवा छिड़कने को कहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। जहानाबाद के वार्ड नंबर 24 में नदी किनारे कचरा डंप होने से लोग परेशान हैं। यहां लंबे समय से कचरे का ढेर लगा है। इससे निकलने वाली दुर्गंध, गंदगी और मच्छरों के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। खासकर ठाकुरबाड़ी स्थित धार्मिक स्थल के पास कचरा जमा होने से श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ में दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और वार्ड पार्षद को शिकायत दी है। कचरा हटाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि न तो सफाई होती है और न ही ब्लीचिंग पाउडर या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाता है। स्थानीय निवासी रजनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार नदियों को साफ रखने का अभियान चला रही है। वहीं, नदी किनारे ही कचरा डाला जा रहा है। इससे नदी में गंदगी बढ़ रही है और अतिक्रमण की स्थिति भी बन रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पास में कर्पूरी भवन है। यहां सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। कचरे के कारण लोगों को वहां आने-जाने में परेशानी होती है। कचरे के पास ही पीने के पानी का नल भी लगा है। गंदगी से पेयजल दूषित होने की आशंका है। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है। उन्होंने कचरा हटाने, नियमित सफाई और दवा छिड़कने को कहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

