जहानाबाद कॉलेज कर्मचारियों ने घंटी बजाकर किया प्रदर्शन:विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 का विरोध, बोले-‘अपमानजनक और अव्यावहारिक’

जहानाबाद कॉलेज कर्मचारियों ने घंटी बजाकर किया प्रदर्शन:विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 का विरोध, बोले-‘अपमानजनक और अव्यावहारिक’

जहानाबाद के एसएन सिन्हा कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के नए प्रावधानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने घंटी बजाकर अपनी असहमति दर्ज कराई। यह विरोध प्रदर्शन महाविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग की। अधिनियम पर पुनर्विचार करने की मांग प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधान महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा शैक्षणिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस अधिनियम पर पुनर्विचार करने और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनने का आग्रह किया। इस अवसर पर महाविद्यालय शिक्षक संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष और शिक्षकेत्तर कर्मी सचिव धर्मेंद्र कुमार ने विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे अपमानजनक और अव्यावहारिक बताया। कानून को वापस नहीं लेने पर बढ़ेगा संघर्ष धर्मेंद्र कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है, तो शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी आने वाले दिनों में व्यापक स्तर पर संघर्ष करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता तथा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में डॉ. अख्तर रोमानी, डॉ. सुबोध कुमार झा, डॉ. शशिधर गुप्ता, डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मोहम्मद इंतखाब आलम, श्रीमती कुमकुम कुमारी, डॉ. ज्योतिर्मय, डॉ. कविंद्र भगत, डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. यास्मीन बानो, डॉ. शोभा रानी, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. निमिषा किरण, डॉ. सिया शरण, डॉ. रूपम कुमारी, डॉ. के.के. झा, डॉ. स्वाति सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जहानाबाद के एसएन सिन्हा कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के नए प्रावधानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने घंटी बजाकर अपनी असहमति दर्ज कराई। यह विरोध प्रदर्शन महाविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग की। अधिनियम पर पुनर्विचार करने की मांग प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधान महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा शैक्षणिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस अधिनियम पर पुनर्विचार करने और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनने का आग्रह किया। इस अवसर पर महाविद्यालय शिक्षक संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष और शिक्षकेत्तर कर्मी सचिव धर्मेंद्र कुमार ने विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे अपमानजनक और अव्यावहारिक बताया। कानून को वापस नहीं लेने पर बढ़ेगा संघर्ष धर्मेंद्र कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है, तो शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी आने वाले दिनों में व्यापक स्तर पर संघर्ष करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता तथा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में डॉ. अख्तर रोमानी, डॉ. सुबोध कुमार झा, डॉ. शशिधर गुप्ता, डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मोहम्मद इंतखाब आलम, श्रीमती कुमकुम कुमारी, डॉ. ज्योतिर्मय, डॉ. कविंद्र भगत, डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. यास्मीन बानो, डॉ. शोभा रानी, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. निमिषा किरण, डॉ. सिया शरण, डॉ. रूपम कुमारी, डॉ. के.के. झा, डॉ. स्वाति सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।  

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