जयपुर में रविवार दोपहर होटल उत्सव के कमरे में युवक का शव पड़ा मिला। युवक नशा मुक्ति केंद्र से भागकर जयपुर आया था। होटल के कमरे में लाश के पास नशे का इंजेक्शन भी पड़ा मिला है। घटना की सूचना मिलने के बाद चित्रकूट थाना पुलिस ने FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। SHO (चित्रकूट) विक्रम सिंह ने बताया- मृतक की पहचान अजमेर के रहने वाले विजेंद्र सिंह (30) पुत्र चन्द्रभान सिंह के रूप में हुई है। पिता चन्द्रभान की मौत के बाद से विजेंद्र मां के साथ जयपुर में सिरसी रोड पर रहता था। चित्रकूट इलाके में अक्षयधाम मंदिर के पास स्थित होटल में शनिवार शाम विजेन्द्र रूम लेकर ठहरा था। एक दिन के लिए किराए पर कमरा लेने की बताकर होटल स्टाफ को सुबह चेकआउट करने के लिए कहा था। रुम में पड़ी मिली लाश रविवार दोपहर करीब 12 बजे तक रुम चेकआउट नहीं करने पर होटल स्टॉफ बुलाने गया। बेड पर लेटे मिलने पर स्टाफ पहले जागने के लिए कहकर वापस आ गया। कुछ देर कमरे से बाहर नहीं आने पर स्टाफ दोबारा जागने पहुंचा। विजेंद्र के डेड होने का पता चला। होटल स्टॉफ की सूचना पर चित्रकूट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर FSL टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। पुलिस को विजेंद्र की लाश के पास नशे का इंजेक्शन भी पड़ा मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। नशे की लत का था आदी पुलिस प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि विजेंद्र नशे की लत का आदी था। नशे की लत छुड़वाने के लिए करीब 3 महीने पहले विजेंद्र को झुंझुनूं के नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट करवाया था। शनिवार दोपहर मौका मिलने पर वह नशा मुक्ति केंद्र से भागाकर जयपुर आ गया। पुलिस जांच में नशे के ओवर डोज से विजेन्द्र की मौत होना माना जा रहा है।

