जमुई में ट्रेन से गिरकर युवक की मौत:बहन को ससुराल छोड़ने जा रहा था, ट्रैक पर 100 मीटर दूर मिला सिर

जमुई में ट्रेन से गिरकर युवक की मौत:बहन को ससुराल छोड़ने जा रहा था, ट्रैक पर 100 मीटर दूर मिला सिर

जमुई-झाझा रेलखंड पर कटौना पुल के पास सोमवार को चलती ट्रेन से गिरकर 35 वर्षीय मनोहर कुमार की मौत हो गई। वह अपनी बहन को ससुराल छोड़ने जा रहा था। इसके बाद उसे मजदूरी के लिए बेंगलुरु जाना था। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर कई हिस्सों में मिला। बहन को छोड़ने के बाद बेंगलुरु जाने की थी तैयारी मनोहर बरहट थाना क्षेत्र के पनपुरवा गांव का रहने वाला था। उसके पिता का नाम वीरेंद्र मंडल है। चचेरे भाई रोहित कुमार ने बताया कि मनोहर अपनी बहन खुशबू कुमारी को गिद्धौर स्थित ससुराल छोड़ने जा रहा था। इसके बाद उसे देर रात जसीडीह से ट्रेन पकड़कर मजदूरी के लिए बेंगलुरु जाना था। उसने पहले से ही रिजर्वेशन करा रखा था। मनोहर और उसकी बहन जमुई स्टेशन से टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस में सवार हुए थे। शौचालय जाने के दौरान ट्रेन में भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच मनोहर गेट से नीचे गिर गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। बहन ने अनजान नंबर से घरवालों को दी सूचना हादसे के बाद बहन ने एक अनजान नंबर से मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन घटनास्थल के आसपास पहुंचे और मनोहर की तलाश शुरू की। रेलवे ट्रैक पर पोल संख्या 390/24-25 के बीच डाउन लाइन पर उसका शव कई हिस्सों में मिला। सिर शरीर से करीब 100 मीटर दूर पड़ा था। हाथ और शरीर के अन्य हिस्से भी ट्रैक के आसपास पड़े थे। RPF के देर से पहुंचने का परिजनों ने लगाया आरोप चचेरे भाई रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद शव काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा। इस दौरान पूर्वा एक्सप्रेस, गया-झाझा मेमू और पटना-धनबाद इंटरसिटी समेत कई ट्रेनें वहां से गुजरीं। रोहित के मुताबिक, रेलवे सुरक्षा बल के समय पर नहीं पहुंचने के कारण शव ट्रैक पर पड़ा रहा और गुजरती ट्रेनों से और क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस संबंध में रेलवे पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गया मनोहर मनोहर अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गया है। वह परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरे प्रदेश में मजदूरी करता था। इसी सिलसिले में वह दोबारा बेंगलुरु जाने की तैयारी में था। उसकी मौत की खबर मिलते ही पनपुरवा गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। जमुई-झाझा रेलखंड पर कटौना पुल के पास सोमवार को चलती ट्रेन से गिरकर 35 वर्षीय मनोहर कुमार की मौत हो गई। वह अपनी बहन को ससुराल छोड़ने जा रहा था। इसके बाद उसे मजदूरी के लिए बेंगलुरु जाना था। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर कई हिस्सों में मिला। बहन को छोड़ने के बाद बेंगलुरु जाने की थी तैयारी मनोहर बरहट थाना क्षेत्र के पनपुरवा गांव का रहने वाला था। उसके पिता का नाम वीरेंद्र मंडल है। चचेरे भाई रोहित कुमार ने बताया कि मनोहर अपनी बहन खुशबू कुमारी को गिद्धौर स्थित ससुराल छोड़ने जा रहा था। इसके बाद उसे देर रात जसीडीह से ट्रेन पकड़कर मजदूरी के लिए बेंगलुरु जाना था। उसने पहले से ही रिजर्वेशन करा रखा था। मनोहर और उसकी बहन जमुई स्टेशन से टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस में सवार हुए थे। शौचालय जाने के दौरान ट्रेन में भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच मनोहर गेट से नीचे गिर गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। बहन ने अनजान नंबर से घरवालों को दी सूचना हादसे के बाद बहन ने एक अनजान नंबर से मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन घटनास्थल के आसपास पहुंचे और मनोहर की तलाश शुरू की। रेलवे ट्रैक पर पोल संख्या 390/24-25 के बीच डाउन लाइन पर उसका शव कई हिस्सों में मिला। सिर शरीर से करीब 100 मीटर दूर पड़ा था। हाथ और शरीर के अन्य हिस्से भी ट्रैक के आसपास पड़े थे। RPF के देर से पहुंचने का परिजनों ने लगाया आरोप चचेरे भाई रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद शव काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा। इस दौरान पूर्वा एक्सप्रेस, गया-झाझा मेमू और पटना-धनबाद इंटरसिटी समेत कई ट्रेनें वहां से गुजरीं। रोहित के मुताबिक, रेलवे सुरक्षा बल के समय पर नहीं पहुंचने के कारण शव ट्रैक पर पड़ा रहा और गुजरती ट्रेनों से और क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस संबंध में रेलवे पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गया मनोहर मनोहर अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गया है। वह परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरे प्रदेश में मजदूरी करता था। इसी सिलसिले में वह दोबारा बेंगलुरु जाने की तैयारी में था। उसकी मौत की खबर मिलते ही पनपुरवा गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *