जमुई बैड टच केसः महिला IAS-IPS को जांच का जिम्मा:20 दिन में सजा का टारगेट; दीप्ति जमुई की पहली महिला SDPO, शिप्रा 2023 बैंच की IAS

जमुई बैड टच केसः महिला IAS-IPS को जांच का जिम्मा:20 दिन में सजा का टारगेट; दीप्ति जमुई की पहली महिला SDPO, शिप्रा 2023 बैंच की IAS

जमुई में 19 सितंबर की शाम सरेराह नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ और अभद्रता के मामले में प्रशासन ने अब स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए डीएम नवीन ने दो महिला अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बनाया है। इनमें DDC सह जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार और जमुई SDPO IPS दीप्ति मोनाली शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के साथ कोऑर्डिनेट कर कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। 15 से 20 दिनों के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपियों नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के बाद नंदन यादव के पैर में गोली लगी थी, जबकि हरेराम यादव भागने के दौरान गिरकर घायल हुआ था। दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जानिए आखिर कौन हैं IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार? जिन्हें स्पीडी ट्रायल की जिम्मेदारी मिली है, IPS दीप्ति मोनाली और मामले की जांच में उनकी क्या भूमिका है? दोनों आरोपियों पर पुलिस की अब तक क्या कार्रवाई हुई और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए हैं? पढ़िए रिपोर्ट… IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार: 34 साल बाद जमुई में महिला DDC IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार 2023 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। वे जमुई में उप विकास आयुक्त (DDC) सह जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जमुई में 34 साल बाद किसी महिला अधिकारी को डीडीसी की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले 1992 में IAS अधिकारी मृदुला सिन्हा जमुई की पहली महिला डीडीसी बनी थीं। उन्होंने जुलाई 1992 से 16 नवंबर 1992 तक इस पद पर काम किया था। इसके बाद साल 2025 तक पदस्थापित 28 डीडीसी की सूची में किसी अन्य महिला अधिकारी का नाम दर्ज नहीं है। शिप्रा विजयकुमार ने शुक्रवार को निवर्तमान डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल से पदभार ग्रहण किया। डीडीसी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी जिले की ग्रामीण विकास योजनाओं, मनरेगा, आवास, पंचायत स्तर की योजनाओं और अन्य विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से जुड़ी है। जमुई कांड में उन्हें नोडल ऑफिसर बनाए जाने के बाद अब पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कानूनी प्रक्रिया और अदालत के साथ समन्वय की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। IPS दीप्ति मोनाली: SDPO, SIT की भी कर रहीं अगुवाई IPS दीप्ति मोनाली जमुई में अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के पद पर तैनात हैं। 2023 बैंच की IPS अधिकारी हैं, पहली पोस्टिंग गया में हुई थी। मड़वा पहाड़ में छात्रा के साथ हुई घटना की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT) का नेतृत्व भी वही कर रही हैं। नोडल ऑफिसर के तौर पर उनकी भूमिका मामले की पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया को गति देने से जुड़ी है। सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट को लेकर 225 FIR
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कई पोस्ट और वीडियो शेयर हुए। डीएम नवीन ने लोगों से पीड़िता की मानसिक स्थिति का ध्यान रखने और घटना से जुड़ी मनगढ़ंत कहानियां, फर्जी वीडियो और AI से बनाए गए वीडियो प्रसारित नहीं करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, गलत पोस्ट शेयर करने के मामले में 225 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पर्यटन स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई
19 सितंबर की घटना के बाद जमुई के प्रमुख पर्यटन और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन के अनुसार इन स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जा रही है। डायल-112 की तैनाती और अन्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जिले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और पर्यटन स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। जमुई में 19 सितंबर की शाम सरेराह नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ और अभद्रता के मामले में प्रशासन ने अब स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए डीएम नवीन ने दो महिला अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बनाया है। इनमें DDC सह जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार और जमुई SDPO IPS दीप्ति मोनाली शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के साथ कोऑर्डिनेट कर कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। 15 से 20 दिनों के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपियों नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के बाद नंदन यादव के पैर में गोली लगी थी, जबकि हरेराम यादव भागने के दौरान गिरकर घायल हुआ था। दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जानिए आखिर कौन हैं IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार? जिन्हें स्पीडी ट्रायल की जिम्मेदारी मिली है, IPS दीप्ति मोनाली और मामले की जांच में उनकी क्या भूमिका है? दोनों आरोपियों पर पुलिस की अब तक क्या कार्रवाई हुई और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए हैं? पढ़िए रिपोर्ट… IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार: 34 साल बाद जमुई में महिला DDC IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार 2023 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। वे जमुई में उप विकास आयुक्त (DDC) सह जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जमुई में 34 साल बाद किसी महिला अधिकारी को डीडीसी की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले 1992 में IAS अधिकारी मृदुला सिन्हा जमुई की पहली महिला डीडीसी बनी थीं। उन्होंने जुलाई 1992 से 16 नवंबर 1992 तक इस पद पर काम किया था। इसके बाद साल 2025 तक पदस्थापित 28 डीडीसी की सूची में किसी अन्य महिला अधिकारी का नाम दर्ज नहीं है। शिप्रा विजयकुमार ने शुक्रवार को निवर्तमान डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल से पदभार ग्रहण किया। डीडीसी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी जिले की ग्रामीण विकास योजनाओं, मनरेगा, आवास, पंचायत स्तर की योजनाओं और अन्य विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से जुड़ी है। जमुई कांड में उन्हें नोडल ऑफिसर बनाए जाने के बाद अब पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कानूनी प्रक्रिया और अदालत के साथ समन्वय की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। IPS दीप्ति मोनाली: SDPO, SIT की भी कर रहीं अगुवाई IPS दीप्ति मोनाली जमुई में अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के पद पर तैनात हैं। 2023 बैंच की IPS अधिकारी हैं, पहली पोस्टिंग गया में हुई थी। मड़वा पहाड़ में छात्रा के साथ हुई घटना की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT) का नेतृत्व भी वही कर रही हैं। नोडल ऑफिसर के तौर पर उनकी भूमिका मामले की पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया को गति देने से जुड़ी है। सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट को लेकर 225 FIR
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कई पोस्ट और वीडियो शेयर हुए। डीएम नवीन ने लोगों से पीड़िता की मानसिक स्थिति का ध्यान रखने और घटना से जुड़ी मनगढ़ंत कहानियां, फर्जी वीडियो और AI से बनाए गए वीडियो प्रसारित नहीं करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, गलत पोस्ट शेयर करने के मामले में 225 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पर्यटन स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई
19 सितंबर की घटना के बाद जमुई के प्रमुख पर्यटन और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन के अनुसार इन स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जा रही है। डायल-112 की तैनाती और अन्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जिले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और पर्यटन स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।  

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