जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा:निचले इलाकों में पानी घुसा, 50 घर प्रभावित; प्रशासन से राहत शिविर उपलब्ध कराने की मांग

जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा:निचले इलाकों में पानी घुसा, 50 घर प्रभावित; प्रशासन से राहत शिविर उपलब्ध कराने की मांग

शहर में गुरुवार और शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश और ओडिशा में व्यांगविल डैम के दो फाटक खुलने से बढ़ का खतरा बढ़ गया है। सुवर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने का असर नदी के आसपास के निचले इलाकों में भी दिखा। बागबेड़ा नया बस्ती में पानी घुसने से करीब 50 घर प्रभावित हुए हैं। पानी बढ़ने के बाद लोगों को अपना घर छोड़कर स्कूल में शरण लेनी पड़ी। देर रात तक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। इससे प्रभावित लोग अपने घरों का सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलते रहे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित लोगों को नया बस्ती, बागबेड़ा स्थित प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट कराया है। लोग अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित जलस्तर बढ़ने से बागबेड़ा, नया बस्ती, कदमा, सोनारी और मानगो सहित कई निचले इलाकों के घरों तक पानी पहुंच गया है। लोग अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लगातार हो रही बारिश और कई बांधों के फाटक खोले जाने के कारण दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी कर रहा है। इसका उद्देश्य पानी बढ़ने की स्थिति में प्रभावित इलाकों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। स्थानीय निवासी विनोद राय ने बताया कि जिला प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने की घोषणा की थी और सुबह 5 बजे से पानी बढ़ना शुरू हो गया है। उन्होंने प्रशासन से राहत शिविर उपलब्ध कराने की मांग की है। शहर में गुरुवार और शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश और ओडिशा में व्यांगविल डैम के दो फाटक खुलने से बढ़ का खतरा बढ़ गया है। सुवर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने का असर नदी के आसपास के निचले इलाकों में भी दिखा। बागबेड़ा नया बस्ती में पानी घुसने से करीब 50 घर प्रभावित हुए हैं। पानी बढ़ने के बाद लोगों को अपना घर छोड़कर स्कूल में शरण लेनी पड़ी। देर रात तक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। इससे प्रभावित लोग अपने घरों का सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलते रहे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित लोगों को नया बस्ती, बागबेड़ा स्थित प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट कराया है। लोग अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित जलस्तर बढ़ने से बागबेड़ा, नया बस्ती, कदमा, सोनारी और मानगो सहित कई निचले इलाकों के घरों तक पानी पहुंच गया है। लोग अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लगातार हो रही बारिश और कई बांधों के फाटक खोले जाने के कारण दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी कर रहा है। इसका उद्देश्य पानी बढ़ने की स्थिति में प्रभावित इलाकों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। स्थानीय निवासी विनोद राय ने बताया कि जिला प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने की घोषणा की थी और सुबह 5 बजे से पानी बढ़ना शुरू हो गया है। उन्होंने प्रशासन से राहत शिविर उपलब्ध कराने की मांग की है।  

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