चांडिल के कांदरबेड़ा स्थित टेंथ माइल स्टोन में होटल कारोबारी सह कदमा विजया हेरिटेज निवासी निखार सबलोक (33) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे जमीन के कारोबार से जुड़ा विवाद और पुरानी दुश्मनी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक टेंथ माइल स्टोन के पीछे पिंडरापहाड़िया की तीन एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री, सिदगोड़ा और सोनारी में जमीन के कारोबार में गणेश सिंह के करीबियों के पैर पसारने और देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने की भावना ने इस हत्याकांड की नींव रखी। इसी बदले की आग में विक्रम शर्मा के करीबी अशोक सिंह उर्फ राघव ने निखार की हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए 15 लाख रुपए में सौदा तय किया गया। इसके बाद स्थानीय अपराधियों के साथ उत्तर प्रदेश से शूटर बुलाकर पूरी वारदात को अंजाम देने की तैयारी की गई। ऐसे तैयार हुआ हत्या का पूरा प्लान पुलिस के मुताबिक साजिश को जमीन पर उतारने के लिए राघव से जुड़े लोगों ने एक-एक कर अपनी भूमिका संभाली। सोनारी सिद्ध कान्हू बस्ती निवासी सुशील केराई ने अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराए। वहीं रितेश सिंह ने होटल जाकर निखार की रेकी की और शूटरों को उसकी पहचान कराई, ताकि वारदात के समय किसी तरह की चूक न हो। उलीडीह संजय पथ निवासी सुनील रजक भी इस साजिश में शामिल था। पुलिस के अनुसार रितेश और सुनील, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के जरिए राघव तक पहुंचे थे। हत्या को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से शूटर अंकित सिंह और राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस को बुलाया गया। यानी स्थानीय स्तर पर रेकी, हथियार और साजिश की व्यवस्था के बाद बाहर से बुलाए गए शूटरों के जरिए निखार की हत्या की गई। हत्या के बाद कार से रांची पहुंचे शूटर, ट्रेन से यूपी भागे वारदात के बाद साजिशकर्ताओं ने शूटरों को सुरक्षित बाहर निकालने का भी इंतजाम कर रखा था। पुलिस के अनुसार हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की आई-10 कार से सुनील रजक शूटरों को रांची के मेसरा तक छोड़कर आया था। वहां से दोनों शूटर ट्रेन पकड़कर उत्तर प्रदेश वापस चले गए। पुलिस ने जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की आई-10 कार (जेएच05एएन-5503) बरामद कर ली। इसके अलावा दो देशी पिस्तौल, दो मैगजीन, सात जिंदा गोलियां और छह खोखे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस की जांच में वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को जोड़ते हुए साजिश की पूरी कड़ी सामने आई। इसी दौरान राघव के मोबाइल फोन ने भी जांच को महत्वपूर्ण दिशा दी। उसके फोन से रुपयों के लेन-देन और धमकी भरे पोस्ट समेत कई अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे। मोबाइल के सुराग से राघव तक पहुंची पुलिस मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सोनारी खुंटाडीह निवासी अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव की तलाश तेज की। पुलिस के अनुसार कोलकाता से लौटते वक्त उसे बहरागोड़ा में पकड़ लिया गया। फिलहाल तबीयत बिगड़ने के कारण राघव पुलिस अभिरक्षा में टीएमएच में इलाजरत है। सरायकेला और जमशेदपुर जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए राघव के अलावा सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई तथा सुल्तानपुर से बुलाए गए शूटर अंकित सिंह और राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य कड़ियों की पड़ताल कर रही है। घटना के बाद दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच गैंगवार की आशंका को देखते हुए पुलिस दोनों गुटों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है। ————————————– इसे भी पढ़ें… सरायकेला में कारोबारी की गोली मारकर हत्या:बाइक से आए बदमाशों ने की वारदात, होटल से बाहर निकलते ही की फायरिंग सरायकेला में सोमवार दोपहर बेखौफ अपराधियों ने जमशेदपुर के एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना चांडिल थाना क्षेत्र में आसनबनी स्थित 10th माइल स्टोन होटल के बाहर हुई। हमले के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित विजया हेरिटेज निवासी निखार सबलोक (33) के रूप में हुई है। निखार सबलोक किसी काम से कांदरबेड़ा स्थित 10th माइल स्टोन होटल होटल पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें.. चांडिल के कांदरबेड़ा स्थित टेंथ माइल स्टोन में होटल कारोबारी सह कदमा विजया हेरिटेज निवासी निखार सबलोक (33) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे जमीन के कारोबार से जुड़ा विवाद और पुरानी दुश्मनी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक टेंथ माइल स्टोन के पीछे पिंडरापहाड़िया की तीन एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री, सिदगोड़ा और सोनारी में जमीन के कारोबार में गणेश सिंह के करीबियों के पैर पसारने और देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने की भावना ने इस हत्याकांड की नींव रखी। इसी बदले की आग में विक्रम शर्मा के करीबी अशोक सिंह उर्फ राघव ने निखार की हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए 15 लाख रुपए में सौदा तय किया गया। इसके बाद स्थानीय अपराधियों के साथ उत्तर प्रदेश से शूटर बुलाकर पूरी वारदात को अंजाम देने की तैयारी की गई। ऐसे तैयार हुआ हत्या का पूरा प्लान पुलिस के मुताबिक साजिश को जमीन पर उतारने के लिए राघव से जुड़े लोगों ने एक-एक कर अपनी भूमिका संभाली। सोनारी सिद्ध कान्हू बस्ती निवासी सुशील केराई ने अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराए। वहीं रितेश सिंह ने होटल जाकर निखार की रेकी की और शूटरों को उसकी पहचान कराई, ताकि वारदात के समय किसी तरह की चूक न हो। उलीडीह संजय पथ निवासी सुनील रजक भी इस साजिश में शामिल था। पुलिस के अनुसार रितेश और सुनील, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के जरिए राघव तक पहुंचे थे। हत्या को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से शूटर अंकित सिंह और राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस को बुलाया गया। यानी स्थानीय स्तर पर रेकी, हथियार और साजिश की व्यवस्था के बाद बाहर से बुलाए गए शूटरों के जरिए निखार की हत्या की गई। हत्या के बाद कार से रांची पहुंचे शूटर, ट्रेन से यूपी भागे वारदात के बाद साजिशकर्ताओं ने शूटरों को सुरक्षित बाहर निकालने का भी इंतजाम कर रखा था। पुलिस के अनुसार हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की आई-10 कार से सुनील रजक शूटरों को रांची के मेसरा तक छोड़कर आया था। वहां से दोनों शूटर ट्रेन पकड़कर उत्तर प्रदेश वापस चले गए। पुलिस ने जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की आई-10 कार (जेएच05एएन-5503) बरामद कर ली। इसके अलावा दो देशी पिस्तौल, दो मैगजीन, सात जिंदा गोलियां और छह खोखे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस की जांच में वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को जोड़ते हुए साजिश की पूरी कड़ी सामने आई। इसी दौरान राघव के मोबाइल फोन ने भी जांच को महत्वपूर्ण दिशा दी। उसके फोन से रुपयों के लेन-देन और धमकी भरे पोस्ट समेत कई अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे। मोबाइल के सुराग से राघव तक पहुंची पुलिस मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सोनारी खुंटाडीह निवासी अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव की तलाश तेज की। पुलिस के अनुसार कोलकाता से लौटते वक्त उसे बहरागोड़ा में पकड़ लिया गया। फिलहाल तबीयत बिगड़ने के कारण राघव पुलिस अभिरक्षा में टीएमएच में इलाजरत है। सरायकेला और जमशेदपुर जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए राघव के अलावा सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई तथा सुल्तानपुर से बुलाए गए शूटर अंकित सिंह और राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य कड़ियों की पड़ताल कर रही है। घटना के बाद दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच गैंगवार की आशंका को देखते हुए पुलिस दोनों गुटों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है। ————————————– इसे भी पढ़ें… सरायकेला में कारोबारी की गोली मारकर हत्या:बाइक से आए बदमाशों ने की वारदात, होटल से बाहर निकलते ही की फायरिंग सरायकेला में सोमवार दोपहर बेखौफ अपराधियों ने जमशेदपुर के एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना चांडिल थाना क्षेत्र में आसनबनी स्थित 10th माइल स्टोन होटल के बाहर हुई। हमले के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित विजया हेरिटेज निवासी निखार सबलोक (33) के रूप में हुई है। निखार सबलोक किसी काम से कांदरबेड़ा स्थित 10th माइल स्टोन होटल होटल पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें..

