शेखपुरा में सोमवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ के सफल संचालन और छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने छात्रों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और विद्यालय प्रशासनों को निर्देश दिया कि छात्रों को अपनी शैक्षणिक व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। डीएम ने छात्रों की शिकायतों और मांगों को तुरंत दर्ज करने व उनकी ट्रैकिंग के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का स्पष्ट निर्देश दिया। इस ग्रुप के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों और समस्याओं का निष्पादन संबंधित स्कूल एवं कॉलेज के प्राचार्यों द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाएगा। बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायतों के समाधान में देरी या लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य व दोषी कर्मियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी एवं शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें जिला पदाधिकारी शेखर आनंद, उप विकास आयुक्त राकेश कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तनवीर आलम, तथा विभिन्न स्कूल एवं कॉलेज के प्राचार्य आदि उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों और प्राचार्यों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा विद्यार्थी सहयोग शिविर को पूरी तरह से प्रभावकारी बनाने का निर्देश देकर बैठक का समापन किया। शेखपुरा में सोमवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ के सफल संचालन और छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने छात्रों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और विद्यालय प्रशासनों को निर्देश दिया कि छात्रों को अपनी शैक्षणिक व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। डीएम ने छात्रों की शिकायतों और मांगों को तुरंत दर्ज करने व उनकी ट्रैकिंग के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का स्पष्ट निर्देश दिया। इस ग्रुप के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों और समस्याओं का निष्पादन संबंधित स्कूल एवं कॉलेज के प्राचार्यों द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाएगा। बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायतों के समाधान में देरी या लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य व दोषी कर्मियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी एवं शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें जिला पदाधिकारी शेखर आनंद, उप विकास आयुक्त राकेश कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तनवीर आलम, तथा विभिन्न स्कूल एवं कॉलेज के प्राचार्य आदि उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों और प्राचार्यों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा विद्यार्थी सहयोग शिविर को पूरी तरह से प्रभावकारी बनाने का निर्देश देकर बैठक का समापन किया।

