बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार, कटिहार जिले में विद्यार्थियों की शैक्षणिक और अन्य समस्याओं/शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। यह पहल राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा में समाधान करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से की गई है। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, ये शिविर प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। यदि निर्धारित मंगलवार को अवकाश होता है, तो शिविर अगले कार्य दिवस में आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का लोकार्पण आज 17 अगस्त 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया। यह समारोह पटना के जे.डी. विमेन्स कॉलेज परिसर में स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसमें उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह (टाईगर) और शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे। इस राज्यस्तरीय मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के सभी महाविद्यालयों और विद्यालयों में किया गया। जिला स्तर पर मुख्य कार्यक्रम कटिहार समाहरणालय में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक/उच्च विद्यालय) ने भाग लिया। विद्यार्थी इस पोर्टल के माध्यम से अपनी शैक्षणिक समस्याओं और शिकायतों को दर्ज करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी दे सकेंगे। पोर्टल पर केवल संबंधित संस्थान/छात्रावास के वास्तविक (Bonafide) विद्यार्थी ही पंजीकरण कर सकेंगे। शिकायतों में कक्षा संचालन, शिक्षक की समय पर उपस्थिति, परीक्षा, परीक्षा-फल, अनाधिकृत शुल्क, कक्षा में विद्युत एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग तथा अन्य शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याएं शामिल की जा सकेंगी। विद्यार्थियों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। जिला प्रशासन, कटिहार ने जिले के सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं विद्यार्थी सहयोग शिविर का अधिकतम उपयोग करें। विद्यार्थी अपनी वास्तविक शैक्षणिक समस्याओं एवं सुझावों को उचित माध्यम से दर्ज करें, ताकि संबंधित विभाग द्वारा समयबद्ध कार्रवाई की जा सके। यह पहल विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, विद्यार्थी-केंद्रित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार, कटिहार जिले में विद्यार्थियों की शैक्षणिक और अन्य समस्याओं/शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। यह पहल राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा में समाधान करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से की गई है। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, ये शिविर प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। यदि निर्धारित मंगलवार को अवकाश होता है, तो शिविर अगले कार्य दिवस में आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का लोकार्पण आज 17 अगस्त 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया। यह समारोह पटना के जे.डी. विमेन्स कॉलेज परिसर में स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसमें उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह (टाईगर) और शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे। इस राज्यस्तरीय मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के सभी महाविद्यालयों और विद्यालयों में किया गया। जिला स्तर पर मुख्य कार्यक्रम कटिहार समाहरणालय में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक/उच्च विद्यालय) ने भाग लिया। विद्यार्थी इस पोर्टल के माध्यम से अपनी शैक्षणिक समस्याओं और शिकायतों को दर्ज करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी दे सकेंगे। पोर्टल पर केवल संबंधित संस्थान/छात्रावास के वास्तविक (Bonafide) विद्यार्थी ही पंजीकरण कर सकेंगे। शिकायतों में कक्षा संचालन, शिक्षक की समय पर उपस्थिति, परीक्षा, परीक्षा-फल, अनाधिकृत शुल्क, कक्षा में विद्युत एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग तथा अन्य शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याएं शामिल की जा सकेंगी। विद्यार्थियों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। जिला प्रशासन, कटिहार ने जिले के सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं विद्यार्थी सहयोग शिविर का अधिकतम उपयोग करें। विद्यार्थी अपनी वास्तविक शैक्षणिक समस्याओं एवं सुझावों को उचित माध्यम से दर्ज करें, ताकि संबंधित विभाग द्वारा समयबद्ध कार्रवाई की जा सके। यह पहल विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, विद्यार्थी-केंद्रित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

