मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग को लेकर गुरुवार दोपहर NSUI कार्यकर्ताओं ने मंदसौर कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए और नारेबाजी की। कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने पर कार्यकर्ता बाहर आए और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झूमाझटकी हुई। प्रदर्शनकारियों ने दो से तीन बार पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने हर बार बीच-बचाव कर पुतला छीनने का प्रयास किया। सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मियों और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच भी धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने बताया कि कार्यकर्ता कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि कलेक्टर पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को भेजें और छात्रसंघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार जल्द गजट नोटिफिकेशन जारी करे। उन्होंने मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग दोहराई। चौकसे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने छात्रों पर लाठी चलाने की कोशिश की और उन्हें भगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन लोगों को घेरकर बचाने की कोशिश की। चौकसे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पुतला जलाने को लेकर उन्होंने कहा कि वे एक बार नहीं, 10 बार पुतला जलाएंगे। जगदीश देवड़ा के घर जाने वाले थे
प्रदर्शन के बाद चौकसे ने कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के घर जाएंगे। दैनिक भास्कर के सवाल पर कि क्या देवड़ा घर पर हैं, चौकसे ने कहा कि यह वहां जाकर ही पता चलेगा। हालांकि, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ता उपमुख्यमंत्री के निवास तक नहीं पहुंचे और होटल बसेर में रुक गए। कलेक्ट्रेट घेराव, नारेबाजी, पुतला दहन के प्रयास, पुलिस से झूमाझटकी और पानी की बौछार के बाद करीब दो घंटे चला प्रदर्शन समाप्त हो गया। प्रदर्शन में NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, जिला अध्यक्ष मंथन धनोतिया, विधायक विपिन जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष कुणाल पटवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत सिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।

