गोपालगंज शहर के बीच से बहने वाली ऐतिहासिक छाड़ी नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। वर्षों से अवैध कब्जों का शिकार रही इस नदी को बचाने और शहर में जलजमाव की समस्या खत्म करने के लिए जल्द ही बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होगा। इसको लेकर सदर एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह और सदर सीओ रजत वर्णवाल ने प्रशासनिक टीम के साथ छाड़ी नदी के किनारे वाले इलाकों का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नदी के मुहाने, कैचमेंट एरिया और बहाव क्षेत्र का बारीकी से सर्वे किया। नदी का प्राकृतिक बहाव पर पड़ा बुरा असर जांच में नदी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए 42 स्थायी अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई। इन लोगों ने नदी के बहाव को रोककर पक्के मकान, दुकानें और दूसरे ढांचे बना लिए हैं। छाड़ी नदी लंबे समय से शहर की जल निकासी का मुख्य जरिया रही है। अतिक्रमण के कारण नदी का दायरा छोटा हो गया है, जिससे बारिश के मौसम में शहरी इलाकों में गंभीर जलजमाव हो जाता है। कचरे और अवैध निर्माणों के चलते नदी का प्राकृतिक बहाव पर बुरा असर पड़ा है। बुलडोजर चलाकर तोड़ा जाएगा निर्माण एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह ने बताया कि चिन्हित सभी 42 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर चलाकर निर्माण तोड़ा जाएगा और इसका खर्च भी कब्जा करने वालों से वसूला जाएगा। प्रशासन के इस कदम से शहर के लोगों में नदी के फिर से ठीक होने की उम्मीद जगी है। छाड़ी नदी के अतिक्रमण मुक्त होने से न केवल शहर की जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी फायदा होगा। गोपालगंज शहर के बीच से बहने वाली ऐतिहासिक छाड़ी नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। वर्षों से अवैध कब्जों का शिकार रही इस नदी को बचाने और शहर में जलजमाव की समस्या खत्म करने के लिए जल्द ही बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होगा। इसको लेकर सदर एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह और सदर सीओ रजत वर्णवाल ने प्रशासनिक टीम के साथ छाड़ी नदी के किनारे वाले इलाकों का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नदी के मुहाने, कैचमेंट एरिया और बहाव क्षेत्र का बारीकी से सर्वे किया। नदी का प्राकृतिक बहाव पर पड़ा बुरा असर जांच में नदी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए 42 स्थायी अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई। इन लोगों ने नदी के बहाव को रोककर पक्के मकान, दुकानें और दूसरे ढांचे बना लिए हैं। छाड़ी नदी लंबे समय से शहर की जल निकासी का मुख्य जरिया रही है। अतिक्रमण के कारण नदी का दायरा छोटा हो गया है, जिससे बारिश के मौसम में शहरी इलाकों में गंभीर जलजमाव हो जाता है। कचरे और अवैध निर्माणों के चलते नदी का प्राकृतिक बहाव पर बुरा असर पड़ा है। बुलडोजर चलाकर तोड़ा जाएगा निर्माण एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह ने बताया कि चिन्हित सभी 42 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर चलाकर निर्माण तोड़ा जाएगा और इसका खर्च भी कब्जा करने वालों से वसूला जाएगा। प्रशासन के इस कदम से शहर के लोगों में नदी के फिर से ठीक होने की उम्मीद जगी है। छाड़ी नदी के अतिक्रमण मुक्त होने से न केवल शहर की जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी फायदा होगा।

