गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के मैरवा टोला गांव में छत से पानी गिराने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में दोनों तरफ से कुल आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। दोनों पक्षों में कहासुनी और बहसबाजी घायलों में मैरवा टोला गांव निवासी मोती लाल पंडित की पत्नी शारदा देवी और उनके बेटे अनिल पंडित शामिल हैं। दूसरे पक्ष से भोला साह, उनके बेटे जितेंद्र साह और बेटी पुनीता कुमारी भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद मकान की छत से पानी गिराने की बात को लेकर शुरू हुआ था। एक पक्ष ने पानी गिराया, जिस पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और बहसबाजी हुई। जमकर 2 पक्षों में मारपीट देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मचने लगी, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया गया। मांझागढ़ थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के मैरवा टोला गांव में छत से पानी गिराने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में दोनों तरफ से कुल आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। दोनों पक्षों में कहासुनी और बहसबाजी घायलों में मैरवा टोला गांव निवासी मोती लाल पंडित की पत्नी शारदा देवी और उनके बेटे अनिल पंडित शामिल हैं। दूसरे पक्ष से भोला साह, उनके बेटे जितेंद्र साह और बेटी पुनीता कुमारी भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद मकान की छत से पानी गिराने की बात को लेकर शुरू हुआ था। एक पक्ष ने पानी गिराया, जिस पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और बहसबाजी हुई। जमकर 2 पक्षों में मारपीट देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मचने लगी, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया गया। मांझागढ़ थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

