छत्रपति संभाजीनगर : ‘20 साल पहले काम पर गया था, चुपचाप कर ली थी शादी’, कुनाल के दादा ने किया खुलासा

छत्रपति संभाजीनगर : ‘20 साल पहले काम पर गया था, चुपचाप कर ली थी शादी’, कुनाल के दादा ने किया खुलासा

Sambhajinagar family tragedy grandfather reveal: वालुज एमआईडीसी क्षेत्र के तिसगांव स्थित पहाड़ी से कूदकर चंदगुडे परिवार के तीन सदस्यों द्वारा की गई आत्महत्या के मामले ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। इस भयानक त्रासदी के बाद अब इस परिवार का 20 साल पुराना एक गहरा और कड़वा राज उजागर हुआ है। मृतक मुरलीधर चंदगुडे के बुजुर्ग पिता ने मीडिया के सामने आकर परिवार के भीतर सालों से पनप रहे अलगाव और कलह की वजहों का खुलासा किया है।

’20 साल पहले बिना बताए शादी कर ली, गांव आना छोड़ दिया’

महाराष्ट्र टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक, मुरलीधर के पैतृक गांव में रहने वाले उनके बुजुर्ग पिता दामोदरराव चंदगुडे ने भावुक होकर बताया कि उनका बेटा दो दशक पहले ही परिवार से कट चुका था। ’20 साल पहले मुरलीधर नौकरी की तलाश में छत्रपति संभाजीनगर गया था। वहां ड्राइवर का काम करते-करते उसने संगीता से चुपचाप शादी कर ली। उसने गांव में किसी को भी इस शादी की भनक तक नहीं लगने दी। जब हमें इस गुप्त शादी का पता चला, तो हम उससे नाराज हो गए। उसी के बाद से उसने गांव आना-जाना बंद कर दिया और परिवार से दूरी बना ली।’

ज़मीन का हिस्सा बेचा, लेकिन रिश्ते कभी नहीं जुड़े

पिता दामोदरराव के अनुसार, उनकी 3 एकड़ जमीन में से एक हिस्सा मुरलीधर के नाम था, जबकि कुछ हिस्सा बेटियों के नाम। मुरलीधर केवल अपनी जमीन के सौदों और किश्तों से जुड़े कामों के सिलसिले में ही कभी-कभार गांव आता था। काम खत्म होते ही वह वापस लौट जाता था, लेकिन कभी अपने माता-पिता या रिश्तेदारों से खुलकर बात नहीं की।

बड़े बेटे की मौत के बाद और बढ़ गई थी दरार

परिजनों के अनुसार, बीस साल पहले हुई उस गुप्त शादी से उपजी कड़वाहट कभी खत्म नहीं हो सकी। करीब छह साल पहले जब मुरलीधर और संगीता के बड़े बेटे का गंभीर बीमारी से निधन हुआ, तो इस परिवार के भीतर की दरार और ज्यादा गहरी हो गई। इस त्रासदी के बाद मां संगीता अपने पति से अलग रहने लगी थीं और परिवार का मानसिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया था।

मौत के बाद भी एक न हो सका परिवार

करीब 20 साल पुरानी कड़वाहट और पारिवारिक अलगाव का असर इस दुखद घटना के बाद भी देखने को मिला। तीनों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार भी अलग-अलग जगहों पर किया गया। पिता मुरलीधर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव धनगर पिंपलगांव में किया गया, जबकि मां संगीता और बेटे कुणाल का अंतिम संस्कार संगीता के मायके मुकुंदवाड़ी में संपन्न हुआ। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में परिवार के पुराने विवाद, लंबे समय से चले आ रहे अलगाव और कुणाल पर रहे मानसिक तनाव समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *