छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में हुई बारिश के बाद आज राहत के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक आज 27 सितंबर से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि, 17 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अचानक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है। इन जिलों में उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों से हुई मूसलाधार बारिश और गंगरेल बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण रायपुर से लेकर बस्तर तक नदी-नाले उफान पर आ गए। रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने से रायपुर-दुर्ग को जोड़ने वाला पुराना पुल डूब गया। उस पर करीब 2 फीट पानी बहने लगा। वहीं बस्तर में इंद्रावती नदी के उफान से चित्रकोट जलप्रपात ओवरफ्लो होकर रौद्र रूप में आ गया। प्रदेश भर में उफनते नदी-नालों में कुल 12 लोग बह गए। इन हादसों में 3 लोगों की जान चली गई। रायपुर और बिलासपुर में 2 बच्चे डूबे, जबकि कांकेर में बारिश से मकान ढहने से एक ग्रामीण की मौत हुई। गंडई और भखारा में डूबे पुलों पर कार बहने की 2 अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की जान बच गई। मानसून सीजन खत्म होने से 4 दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में कोटे से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। 1 जून से 30 सितंबर की सामान्य औसत बारिश 1132.3 मिमी है, जबकि 26 सितंबर तक ही 1190.7 मिमी पानी गिर चुका है (सामान्य से 5.16% अधिक)। इसमें इस हफ्ते की बारिश का बड़ा योगदान रहा। देखिए ये तस्वीरें- कहां कितनी बारिश हुई दुर्ग: 20 सेमी पिपरिया: 19 सेमी रायपुर शहर: 18 सेमी पखांजूर: 17 सेमी गंडई, भिलाई: 16 सेमी बोराई, बालोद, मंदिर हसौद, घुमका, धरसींवा, सिमगा, अर्जुंदा: 15 सेमी अंतागढ़, बड़े बचेली, तिल्दा, अहिवारा, नेहरपुर, कवर्धा, तखतपुर: 14 सेमी अमलीपदर, गुंडरदेही, मैनपुर, लोरमी, माकड़ी, कुकरेल, कोहकामेटा: 13 सेमी बोड़ला, साल्हेवारा, नारायणपुर, बड़े राजपुर, भैसमा, माना रायपुर, केशकाल, छोटेडोंगर, धनौरा, गुरुर, सुहेला, चारामा: 12 सेमी आज से कमजोर पड़ेगा सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर खिसक गया है। अगले 12 घंटे में यह सिस्टम और कमजोर होगा। इसके प्रभाव से 27 सितंबर) से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आएगी।

