चिदंबरम के सवाल पर थरूर ने BRICS के फायदे गिनाए:कहा- समिट भारत की कूटनीतिक ताकत दिखाता है, यहां आयोजन बड़ी उपलब्धि

चिदंबरम के सवाल पर थरूर ने BRICS के फायदे गिनाए:कहा- समिट भारत की कूटनीतिक ताकत दिखाता है, यहां आयोजन बड़ी उपलब्धि

भारत में BRICS समिट को लेकर कांग्रेस के दो सीनियर नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने हाल में हुए BRICS सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस फायदे पर सवाल उठाए थे। इसके एक दिन बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने BRICS को भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत में इसका सम्मेलन होना देश की बड़ी कूटनीतिक ताकत और प्रतिष्ठा को दिखाता है। थरूर ने कहा कि सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के बड़े नेता भारत आ रहे हैं, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इतने देशों के नेताओं को एक मंच पर लाना भारत की दूसरे देशों को साथ लाने की कूटनीतिक क्षमता को दिखाता है। थरूर ने BRICS को ग्लोबल साउथ के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन BRICS में शामिल 11 प्रमुख देश दुनिया की बड़ी आबादी और करीब 41% वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इस समूह को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। थरूर बोले- BRICS के सामने कई चुनौतियां भी; 5 पॉइंट्स 1. BRICS में मतभेद: सभी सदस्य देशों की विदेश नीति और हित एक जैसे नहीं हैं। इसलिए बड़े वैश्विक मुद्दों पर सहमति बनाना मुश्किल है। 2. ईरान-इजराइल और रूस-यूक्रेन मुद्दा: मई में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में इन मुद्दों पर मतभेद सामने आए। साझा बयान जारी नहीं हो सका। 3. भारत की चेयर डिक्लेरेशन: संयुक्त बयान की जगह भारत ने BRICS अध्यक्ष के तौर पर अपनी ओर से चेयर डिक्लेरेशन जारी किया। 4. आगामी सम्मेलन की चुनौती: अगर बड़े मुद्दों पर फिर सहमति नहीं बनी तो BRICS की एकजुटता पर सवाल उठ सकते हैं। इसे भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती माना जाएगा। 5. व्यापार घाटा भी चिंता: BRICS देशों को भारत का निर्यात कम है, जबकि वहां से आयात ज्यादा है। यानी भारत BRICS देशों से ज्यादा सामान खरीद रहा है। चिदंबरम ने पूछा था- आखिर मिला क्या? थरूर के बयान से एक दिन पहले चिदंबरम ने कहा था कि पिछले दो-तीन BRICS सम्मेलनों से भारत को कोई खास ठोस या प्रत्यक्ष फायदा नजर नहीं आया। उन्होंने सवाल किया कि भारत BRICS के अलावा G20, QUAD और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे कई बहुपक्षीय संगठनों का हिस्सा है, लेकिन इन संगठनों से देश को वास्तव में क्या ठोस लाभ मिला है, इस पर विचार होना चाहिए। चिदंबरम ने यह भी कहा था कि उन्हें नहीं पता कि BRICS सम्मेलन में कितने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल होने वाले हैं, लेकिन पिछले कुछ सम्मेलनों के ठोस नतीजे उन्हें दिखाई नहीं दिए। BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना चिदंबरम के बयान के बाद BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने थरूर के बयान को चिदंबरम की टिप्पणी के विपरीत बताते हुए कांग्रेस में मतभेद होने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- थरूर का BRICS समिट को भारत के लिए बड़ी प्रतिष्ठा बताना कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय को दिखाता है। BJP ने इसी विरोधाभास को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *