चित्रकूट में लकड़ी के खिलौनों का कारोबार शुरू करने का:25 लाख तक लोन पर 25% सब्सिडी, ODOP योजना से मिलेगा फायदा

चित्रकूट में लकड़ी के खिलौनों का कारोबार शुरू करने का:25 लाख तक लोन पर 25% सब्सिडी, ODOP योजना से मिलेगा फायदा

चित्रकूट में रोजगार के सीमित साधन हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के लिए लकड़ी के खिलौनों का कारोबार एक अच्छा विकल्प बन सकता है। चित्रकूट को एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना में लकड़ी के खिलौने और काष्ठ कला के लिए पहचान मिली है। यह धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र है, जहां सालभर श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इससे धार्मिक थीम पर बने लकड़ी के खिलौनों की मांग बढ़ सकती है। जिला उद्योग अधिकारी चंद्र प्रकाश पटेल ने बताया कि कारोबार शुरू करने से पहले बाजार की अच्छी रिसर्च करना जरूरी है। दुकान ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां पर्यटक और स्थानीय ग्राहक ज्यादा आते हों। यह भी देखना होगा कि बाजार में किस तरह के खिलौनों की मांग है। उन्होंने बताया कि खिलौने बनाने में कुरईया की लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इसकी उपलब्धता आसानी से नहीं हो पाती, इसलिए कारोबार शुरू करने से पहले कच्चे माल की व्यवस्था करनी होगी। कारीगर, डिजाइन और दुकान की जगह पर भी खास ध्यान देना होगा। चंद्र प्रकाश पटेल के मुताबिक, ODOP योजना के तहत लकड़ी के खिलौना कारोबार को बढ़ाने के लिए कई योजनाओं से मदद दी जा रही है। जो उद्यमी पात्र हैं, उन्हें 25 लाख रुपए तक के लोन पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है। इसके अलावा, कारोबारियों को प्रदेश और देश के अलग-अलग शहरों में लगने वाले ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने का मौका भी मिलता है। हाल ही में नोएडा में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में चित्रकूट के तीन कारोबारी लकड़ी के खिलौनों के स्टॉल लगाएंगे। विभाग के अनुसार, छोटे स्तर पर यह कारोबार करीब 2 से 3 लाख रुपए में शुरू हो सकता है। इसमें लकड़ी, सजावट का सामान और खिलौने बनाने के उपकरण शामिल हैं। जिला उद्योग विभाग कई मामलों में टूल किट देने के साथ ट्रेनिंग भी देता है। इससे स्थानीय युवाओं और कारीगरों को कारोबार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

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