चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण सोमवार को मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से रामघाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। रामघाट पर पानी तेजी से बढ़ने के बाद घाट किनारे स्थित दुकानों में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा। कई दुकानों के आसपास पानी भर गया है। खतरे को देखते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। रामघाट जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रामघाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है। घाट और नदी किनारे लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी और घाट की ओर नहीं जाने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। SDRF टीम तैनात, प्रशासन की निगरानी जारी
पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर पर नजर रख रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रामघाट में एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश जारी रही तो और बिगड़ सकते हैं हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मंदाकिनी का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे नदी किनारे के इलाकों में स्थिति गंभीर होने की आशंका है। पिछले साल आई बाढ़ में रामघाट सहित नदी किनारे के क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ था। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी तरह का जोखिम न लें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। प्रशासनिक टीमें जलस्तर और पूरे इलाके की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

