चित्तौड़गढ़ शहर की कबीर कॉलोनी में कुछ दिन पहले हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में मध्य प्रदेश के गुना जिले के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने चार अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी चोरी करने के लिए पहले से पूरी तैयारी करके आते थे और पहचान छिपाने के लिए अलग तरीका अपनाते थे। अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने जिले या आसपास के क्षेत्रों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई DST और कोतवाली थाना पुलिस ने मिलकर की है। रात ढाई बजे घर में घुसे, अलमारी का ताला तोड़कर ले गए सिक्के एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि यह घटना 26 सितंबर की रात करीब 2.30 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र की कबीर कॉलोनी में हुई थी। सागर गांधी पुत्र राजकुमार गांधी के मकान में पांच नकाबपोश चोर ग्राउंड फ्लोर पर बनी रसोई की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे। इसके बाद वे पहली मंजिल तक पहुंचे और वहां रखी अलमारी का ताला तोड़ दिया। अलमारी में रखे करीब 40 से 50 हजार रुपए के सिक्के चुरा लिए। घटना के समय घर के अंदर 2 बच्चे सहित करीब 7 लोग मौजूद थे, लेकिन रात होने के कारण किसी को चोरों की भनक नहीं लगी। वारदात के दौरान आरोपियों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को पहले दूसरी तरफ मोड़ा और बाद में उसकी वायर काट दी, ताकि उनकी तस्वीर रिकॉर्ड नहीं हो सके। घटना के बाद सागर गांधी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र के सहारे आरोपी तक पहुंची पुलिस जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा, पुलिस उपाधीक्षक बृजेश सिंह और पुलिस निरीक्षक जोधाराम के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सबसे पहले घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और लगातार सूचना जुटाई। कई दिनों तक अलग-अलग स्तर पर जांच और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस मध्य प्रदेश के गुना जिले तक पहुंची। वहां से गुना, मध्य प्रदेश निवासी अक्षय पारदी पुत्र लाल सिंह पारदी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने चोरी की वारदात में शामिल अपने चार अन्य साथियों के नाम भी बताए। पुलिस अब उनकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जता रही है। चड्डी-बनियान पहनकर करते थे चोरी पूछताछ में पुलिस के सामने आरोपियों ने चोरी का जो तरीका बताया, वह भी काफी अलग था। आरोपियों ने बताया कि वे वारदात के समय केवल चड्डी-बनियान पहनकर घरों में घुसते थे, जबकि अपनी पैंट और शर्ट कमर पर बांधकर रखते थे। चोरी करने के बाद वे घटना स्थल से कुछ दूरी पर जाकर सामान्य कपड़े पहन लेते थे और फिर वहां से निकल जाते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि अगर किसी सीसीटीवी कैमरे में उनकी तस्वीर रिकॉर्ड भी हो जाए तो उसमें सिर्फ चड्डी-बनियान पहने हुए लोग ही दिखाई दें और सामान्य कपड़ों में उनकी पहचान नहीं हो सके। पुलिस इस तरीके के आधार पर अब पहले हुई दूसरी चोरी की घटनाओं का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन जगहों पर वारदात की है। रिमांड पर होगी पूछताछ, अन्य वारदातों का भी हो सकता है खुलासा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे अन्य साथियों के ठिकानों, चोरी किए गए सामान और पहले की वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में जिला विशेष टीम (डीएसटी) के एएसआई सूरज कुमार, कांस्टेबल अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, जगदीश, रामकेश, देवेंद्र और सुरेश सुंडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं कोतवाली चित्तौड़गढ़ के थानाधिकारी रजनीश गुर्जर, एएसआई सत्यनारायण, हेड कांस्टेबल उमर खान, चंद्रकरण सिंह तथा कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह भी कार्रवाई में शामिल रहे।

