उज्जैन में चलती ट्रेनों के SLR (लगेज/पार्सल कोच) को निशाना बनाकर पार्सल चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का RPF ने गुरुवार शाम को पर्दाफाश किया है। गैंग के सदस्य रेलवे के मेंटेनेंस कर्मचारी बनकर दिव्यांग कोच में दाखिल होते थे। इसके बाद इलेक्ट्रिक कटर से SLR कोच की प्लाईवुड और लोहे की चादर काटकर पार्सल तक पहुंचते और चोरी का माल लेकर रास्ते में ही उतर जाते थे। यात्रियों और अन्य लोगों को वे मेंटेनेंस का काम करते हुए दिखाई देते थे। RPF उज्जैन ने सूरत RPF क्राइम ब्रांच और मुंबई मंडल की टीम के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी अनिल पटेल को वाराणसी से पकड़ा गया, जबकि मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद विक्की को बिहार के मुंगेर से गिरफ्तार किया गया। गैंग के दो अन्य सदस्यों की तलाश में RPF की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। एक घटना से खुला गैंग का नेटवर्क 19 सितंबर को ट्रेन नंबर 15569 अहमदाबाद-दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस के SLR कोच को कटर से काटकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के पार्सल चोरी किए गए थे। इसी तरह मुंबई मंडल की एक ट्रेन में रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स चोरी होने की घटना सामने आई। दोनों घटनाओं का तरीका एक जैसा मिलने पर पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त टीम बनाई गई। जांच में पता चला कि आरोपी पहले ट्रेन और SLR कोच की रेकी करते थे। इसके बाद रेलवे मेंटेनेंस स्टाफ जैसी ड्रेस पहनकर कोच में पहुंचते। इलेक्ट्रिक कटर से कुछ हिस्से को काटकर अंदर प्रवेश करते और पार्सल निकाल लेते। वारदात के बाद ट्रेन के अगले स्टेशन से पहले ही गिरोह के सदस्य उतर जाते थे। गोदाम से 7 लाख से ज्यादा का माल मिला RPF के अनुसार, मास्टरमाइंड अनिल पटेल के वाराणसी स्थित गोदाम से रेलवे से चोरी किए गए 5.60 लाख रुपए से अधिक के रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स बरामद किए गए हैं। वहीं दूसरी वारदात से जुड़ी करीब 1.50 लाख रुपए की आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी बरामद हुई है। इस तरह बरामद माल की कीमत 7 लाख रुपए से अधिक है।

