दरभंगा में युवक के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने मामले में खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार अपराधियों ने नहीं, बल्कि घर में लोडेड कट्टा रखा था, गलती से गोली चली। बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने पीसी में बताया कि 29 सितंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि केवटगामा निवासी सुरवित कुमार उर्फ सचिन सिंह के पैर में गोली लगी है और वह बिरौल स्थित प्रथम हॉस्पिटल में इलाजरत है। सूचना के सत्यापन के लिए कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष को भेजा गया। जांच में सूचना सही पाई गई। इसके बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के केवटगामा गांव का है। पुलिस को बताया था, किसी अज्ञात ने गोली मारी घायल सुरवित कुमार उर्फ सचिन सिंह ने बताया था कि वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के संबंध में जब पुलिस ने घायल के परिजनों से पूछताछ की तो उनके बयानों में कई विरोधाभास मिले। इससे पुलिस को घटना के वास्तविक कारण को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में जांच शुरू की। पुलिस ने घायल के परिवार के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की। इसी क्रम में घायल की पत्नी मीरा कुमारी से भी पूछताछ की गई।
कपड़ा बदलते समय गिरा कट्टा, फायर होने से पैर में लगी गोली
एसडीपीओ के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि 28 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे सुरवित कुमार अपनी दुकान बंद करके घर पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, उस समय उन्होंने कमर में एक लोडेड देशी कट्टा रखा हुआ था। घर पहुंचने के बाद जब वह कपड़े बदल रहे थे, तभी कमर में रखा कट्टा नीचे गिर गया। कट्टा गिरने के दौरान अचानक फायर हो गया और गोली उनके पैर में लगते हुए आर-पार निकल गई।
गोली लगने के बाद मामले को तत्काल पुलिस के सामने नहीं लाया गया। पुलिस के अनुसार, घायल का परिवार घटना की वास्तविक जानकारी छिपाते हुए उसे गुप्त रूप से बिरौल स्थित प्रथम हॉस्पिटल ले गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा था।
तार के पेड़ के नीचे दबाकर रखा था हथियार पुलिस ने घायल की पत्नी से मिली जानकारी और उसकी निशानदेही के आधार पर घटना में प्रयुक्त हथियार की तलाश की। जांच के दौरान घर के सामने तार के पेड़ के नीचे से एक कट्टा और एक खोखा बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि घायल के भाई भानु कुमार सिंह ने घटना के साक्ष्य को छिपाने के उद्देश्य से कट्टा और खोखा को पेड़ के नीचे गाड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने भानु कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एक गिरफ्तार, कट्टा और खोखा बरामद
गिरफ्तार आरोपी केवटगामा निवासी सदर प्रसाद सिंह का बेटा भानु कुमार सिंह है। पुलिस ने उसके पास से कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान घायल और उसके परिजनों के बयानों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों तथा बरामद हथियार को आपस में मिलाया गया। इसके बाद घटना की परिस्थितियां सामने आईं। दरभंगा में युवक के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने मामले में खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार अपराधियों ने नहीं, बल्कि घर में लोडेड कट्टा रखा था, गलती से गोली चली। बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने पीसी में बताया कि 29 सितंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि केवटगामा निवासी सुरवित कुमार उर्फ सचिन सिंह के पैर में गोली लगी है और वह बिरौल स्थित प्रथम हॉस्पिटल में इलाजरत है। सूचना के सत्यापन के लिए कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष को भेजा गया। जांच में सूचना सही पाई गई। इसके बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के केवटगामा गांव का है। पुलिस को बताया था, किसी अज्ञात ने गोली मारी घायल सुरवित कुमार उर्फ सचिन सिंह ने बताया था कि वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के संबंध में जब पुलिस ने घायल के परिजनों से पूछताछ की तो उनके बयानों में कई विरोधाभास मिले। इससे पुलिस को घटना के वास्तविक कारण को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में जांच शुरू की। पुलिस ने घायल के परिवार के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की। इसी क्रम में घायल की पत्नी मीरा कुमारी से भी पूछताछ की गई।
कपड़ा बदलते समय गिरा कट्टा, फायर होने से पैर में लगी गोली
एसडीपीओ के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि 28 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे सुरवित कुमार अपनी दुकान बंद करके घर पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, उस समय उन्होंने कमर में एक लोडेड देशी कट्टा रखा हुआ था। घर पहुंचने के बाद जब वह कपड़े बदल रहे थे, तभी कमर में रखा कट्टा नीचे गिर गया। कट्टा गिरने के दौरान अचानक फायर हो गया और गोली उनके पैर में लगते हुए आर-पार निकल गई।
गोली लगने के बाद मामले को तत्काल पुलिस के सामने नहीं लाया गया। पुलिस के अनुसार, घायल का परिवार घटना की वास्तविक जानकारी छिपाते हुए उसे गुप्त रूप से बिरौल स्थित प्रथम हॉस्पिटल ले गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा था।
तार के पेड़ के नीचे दबाकर रखा था हथियार पुलिस ने घायल की पत्नी से मिली जानकारी और उसकी निशानदेही के आधार पर घटना में प्रयुक्त हथियार की तलाश की। जांच के दौरान घर के सामने तार के पेड़ के नीचे से एक कट्टा और एक खोखा बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि घायल के भाई भानु कुमार सिंह ने घटना के साक्ष्य को छिपाने के उद्देश्य से कट्टा और खोखा को पेड़ के नीचे गाड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने भानु कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एक गिरफ्तार, कट्टा और खोखा बरामद
गिरफ्तार आरोपी केवटगामा निवासी सदर प्रसाद सिंह का बेटा भानु कुमार सिंह है। पुलिस ने उसके पास से कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान घायल और उसके परिजनों के बयानों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों तथा बरामद हथियार को आपस में मिलाया गया। इसके बाद घटना की परिस्थितियां सामने आईं।

