मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के पास से गुजरने वाली 220 केवी महलगांव (ग्वालियर)-दतिया ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग पूरी कर ली है। इस काम पर कंपनी ने 4.75 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पहले बारिश में डैम का जलस्तर बढ़ने पर ट्रांसमिशन लाइन के कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने की आशंका रहती थी। इसके चलते संबंधित सर्किट को करीब दो से तीन महीने तक बंद रखना पड़ता था। अब लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि परियोजना के तहत 2.860 किलोमीटर लंबे हिस्से में लगे आठ पुराने टावर हटाए गए। उनकी जगह 10 नए टावर स्थापित कर 3.406 किलोमीटर लंबा नया मार्ग तैयार किया गया। इससे लाइन को डैम के संवेदनशील बैकवॉटर क्षेत्र से दूर किया गया है। एक ही स्रोत पर निर्भर रहता था शहर डैम में जलस्तर बढ़ने के कारण मानसून के दौरान ट्रांसमिशन सर्किट बंद करना पड़ता था। इस अवधि में ग्वालियर शहर की बिजली आपूर्ति केवल एक स्रोत पर निर्भर रहती थी। इससे आपूर्ति की विश्वसनीयता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। लाइन की शिफ्टिंग से कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने का जोखिम कम होगा और मानसून में इस वजह से बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका घटेगी।

