सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में ग्वालियर में आबकारी विभाग की टीम ने देर रात मोहना हाईवे पर महाकाल ढाबे के पास दबिश दी। यहां एक अवैध शराब और नकली पेट्रोल बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई। दो कमरों के मकान में चल रहे इस कारोबार से बड़ी मात्रा में इथेनॉल, शराब, पेट्रोल और थिनर बरामद किया गया है। आबकारी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि मोहना हाईवे पर महाकाल ढाबे के पास एक मकान में अवैध रूप से शराब बनाई जा रही है। सूचना मिलने पर टीम ने देर रात दबिश दी। मौके से 2600 लीटर ओपी (इथेनॉल), 63 बल्क लीटर शराब, 20 ड्रम पेट्रोल और 18 ड्रम थिनर बरामद किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त इथेनॉल से काफी मात्रा में शराब तैयार की जा सकती थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपए है। मकान में नकली पेट्रोल भी बनाया जा रहा था जांच में सामने आया कि इस मकान में सिर्फ नकली शराब ही नहीं, बल्कि नकली पेट्रोल भी बनाया जा रहा था। इसके लिए पेट्रोल में थिनर, इथेनॉल और दूसरे ज्वलनशील पदार्थ मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता था। इस नकली पेट्रोल को हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेचा जा रहा था। ज्वलनशील थिनर मिलने के बाद आबकारी विभाग ने पुलिस को भी सूचना दी और बरामद सामग्री पुलिस को सौंप दी। 11 महीने पहले भी इसी स्थान पर अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी बताया जा रहा है कि करीब 11 महीने पहले भी इसी स्थान पर अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी, इसके बावजूद यहां दोबारा अवैध कारोबार शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में इस पूरे कारोबार के संचालन से सौरभ गुर्जर, अनिल शर्मा और अरबाज खान के नाम सामने आए हैं। मामले में मोहना थाना पुलिस ने विक्की धानुक, पप्पी उर्फ अनिल शर्मा, अन्ना उर्फ अरुण शर्मा और एक अन्य आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, अवैध शराब और नकली पेट्रोल की सप्लाई के नेटवर्क तथा फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के स्रोत की जांच कर रही है। सागर कांड के बाद हुई इस कार्रवाई को आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

