SGPGI और KGMU के डॉक्टरों ने ग्लोबल मेडिकल रिसर्च में अपनी पहचान बनाई है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की दुनिया के टॉप 2% साइंटिस्ट की लिस्ट में SGPGI के 20 डॉक्टर-रिसर्चर और KGMU के 10 डॉक्टर शामिल हुए हैं। इनका चयन अलग-अलग क्षेत्रों में उनके रिसर्च वर्क और उसके असर के आधार पर किया गया है। SGPGI के 20 डॉक्टर और रिसर्चर शामिल SGPGI की लिस्ट में निदेशक डॉ. आरके धीमन, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के डॉ. राकेश अग्रवाल और डॉ. जयंती कालिता, एंडोक्राइन सर्जरी के डॉ. गौरव अग्रवाल और डॉ. अंशु श्रीवास्तव शामिल हैं। सेवानिवृत्त डॉ. उज्ज्वल पोद्दार, डॉ. यूसी घोषाल और स्व. डॉ. यूके मिश्रा का नाम भी लिस्ट में है। इसके अलावा मेडिकल जेनेटिक्स की रमा देवी मित्तल, नेफ्रोलॉजी के डॉ. नारायण प्रसाद, क्रिटिकल केयर मेडिसिन के डॉ. मोहन गुर्जर, हेपेटोलॉजी के डॉ. अमित गोयल और डॉ. अजय कुमार मिश्रा, बायोस्टैटिस्टिक्स एवं हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स के डॉ. प्रभाकर मिश्रा और डॉ. मोना पाठक को जगह मिली है।
एंडोक्राइनोलॉजी के डॉ. रोहित सिन्हा, मॉलिक्यूलर मेडिसिन की डॉ. स्वस्ति तिवारी और क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी के डॉ. दुर्गा प्रसन्ना मिश्रा भी लिस्ट में शामिल हैं। एंडोक्राइनोलॉजी की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो डॉ. सना रजा और हेपेटोलॉजी की रिसर्च एसोसिएट डॉ. मनीषा दुबे का नाम भी इसमें है। KGMU के 10 डॉक्टरों का नाम KGMU से डॉ. सुजित कुमार कर, डॉ. शैली के. अवस्थी, डॉ. अखिलानंद चौरसिया, डॉ. अब्बास अली मेहदी, डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. शैलेंद्र के. सक्सेना, डॉ. दिव्या मेहरोत्रा, डॉ. सूर्य कांत, डॉ. ज्योति के. सिंह और सेवानिवृत्त डॉ. आरके गर्ग को लिस्ट में जगह मिली है। रिसर्च पेपर और सिटेशन के आधार पर तैयार होती है लिस्ट स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की टॉप 2% वैज्ञानिकों की लिस्ट दुनिया भर के रिसर्चर्स के काम और उसके असर के आधार पर तैयार होती है। इसके लिए Scopus में दर्ज रिसर्च पेपर और उन्हें मिले सिटेशन का डेटा लिया जाता है। इसके अलावा H-Index, को-ऑथरिंग और रिसर्च पेपर में वैज्ञानिक की भूमिका जैसे कई मानकों को भी देखा जाता है। लिस्ट में दुनिया के टॉप एक लाख वैज्ञानिकों के साथ अपने-अपने रिसर्च क्षेत्र के टॉप 2% वैज्ञानिकों को भी शामिल किया जाता है। इसलिए किसी वैज्ञानिक की ग्लोबल रैंक एक लाख से ज्यादा होने के बावजूद वह अपने रिसर्च क्षेत्र के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल हो सकता है।

