ग्रामीणों ने डीएम से की सड़क निर्माण की मांग:जनता दरबार में शीतलगढ़ के जर्जर पड़े एक किलोमीटर लंबी सड़क की समस्या से अवगत कराया

ग्रामीणों ने डीएम से की सड़क निर्माण की मांग:जनता दरबार में शीतलगढ़ के जर्जर पड़े एक किलोमीटर लंबी सड़क की समस्या से अवगत कराया

जहानाबाद। सोमवार को आयोजित जनता दरबार में शीतलगढ़ गांव के ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी सड़क की समस्या लेकर जिलाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई. भूटिया के समक्ष पहुंचे। उन्होंने गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर बताया कि यह सड़क कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है। सड़क के उचित निर्माण के अभाव में लोगों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ और जलजमाव हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण लोगों के फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और मुखिया से कई बार शिकायत की जा चुकी है। चुनाव के दौरान सड़क बनाने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अब ग्रामीणों को जिला प्रशासन से ही उम्मीद है, जिसके चलते वे अपनी समस्या लेकर जनता दरबार में आए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की मांग की, क्योंकि यह मार्ग गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समस्या सुनने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सड़क स्थल का निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया गया। निरीक्षण के उपरांत सड़क की स्थिति और आवश्यकता का आकलन कर संबंधित विभाग के माध्यम से निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही गई। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार आश्वासन मिल चुके हैं, और अब वे सड़क निर्माण को धरातल पर होते देखना चाहते हैं। जहानाबाद। सोमवार को आयोजित जनता दरबार में शीतलगढ़ गांव के ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी सड़क की समस्या लेकर जिलाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई. भूटिया के समक्ष पहुंचे। उन्होंने गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर बताया कि यह सड़क कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है। सड़क के उचित निर्माण के अभाव में लोगों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ और जलजमाव हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण लोगों के फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और मुखिया से कई बार शिकायत की जा चुकी है। चुनाव के दौरान सड़क बनाने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अब ग्रामीणों को जिला प्रशासन से ही उम्मीद है, जिसके चलते वे अपनी समस्या लेकर जनता दरबार में आए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की मांग की, क्योंकि यह मार्ग गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समस्या सुनने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सड़क स्थल का निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया गया। निरीक्षण के उपरांत सड़क की स्थिति और आवश्यकता का आकलन कर संबंधित विभाग के माध्यम से निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही गई। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार आश्वासन मिल चुके हैं, और अब वे सड़क निर्माण को धरातल पर होते देखना चाहते हैं।  

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