मैनपुरी के विकासखंड कुरावली के ग्राम जखौआ स्थित गौशाला में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निरीक्षण करने पहुंची गौरक्षक टीम को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा के पदाधिकारियों ने गौशाला में छह गोवंश मृत अवस्था में मिलने और आठ गोवंशों के कंकाल पड़े होने का दावा किया है। आरोप है कि गोवंशों की स्थिति को लेकर ग्राम प्रधान से सवाल करने पर उन्होंने टीम को गौशाला के अंदर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाकर टीम को बाहर निकाला। मामले की जानकारी पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। रात में ही प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मृत गोवंशों को दफनाया गया। संगठन ने प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश गौ रक्षा के प्रदेश महामंत्री सोमेश कुमार तिवारी ने बताया कि जखौआ गौशाला को लेकर काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसी के बाद संगठन की टीम देर शाम गौशाला का निरीक्षण करने पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान टीम को छह गोवंश मृत अवस्था में मिले। इसके अलावा आठ गोवंशों के कंकाल भी पड़े होने का दावा किया गया। सोमेश के मुताबिक, जब टीम ने गोवंशों की स्थिति को लेकर ग्राम प्रधान से सवाल किए तो वह नाराज हो गए। आरोप है कि प्रधान ने टीम के सदस्यों को गौशाला के अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और उन्हें देख लेने की बात कहते हुए वहां से चले गए। सोमेश कुमार तिवारी ने बताया कि टीम के सदस्यों को करीब 15 मिनट तक अंदर बंद रखा गया। इस दौरान डायल 112 पर सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताला खुलवाया और टीम को बाहर निकलवाया। सूचना मिलने पर सोमेश कुमार तिवारी भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गौशाला के पीछे करीब 15 से 16 गड्ढे ऐसे हैं, जिनमें गोवंशों को डालने के बाद पानी भर दिया गया है, जिसमें गौवंश के शव सड़ रहे हैं। मामले की जानकारी होने पर कुरावली तहसीलदार, सीओ कुरावली सच्चिदानंद सिंह, इंस्पेक्टर ललित भाटी, कानूनगो समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने गौशाला का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही ग्राम प्रधान मौके से फरार हो गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रधान को मौके पर बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं पहुंचा। इसके बाद जेसीबी मंगवाई गई और रात में ही प्रशासन की मौजूदगी में गौशाला के पीछे गड्ढा खुदवाकर मृत गोवंशों को दफनाया गया। सोमेश कुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में तहरीर दी गई है। अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। संगठन ने मांग की है कि गौशाला में गोवंशों की मौत के कारणों की जांच कराई जाए और जो भी जिम्मेदार मिले, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

