गोरखपुर के रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में शुक्रवार को आयोजित साप्ताहिक परेड के दौरान सख्ती और अनुशासन का अलग ही माहौल देखने को मिला। SSP ने खुद मौके पर पहुंचकर परेड का निरीक्षण किया और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी। परेड में शामिल जवानों की चाल, एकरूपता, समयबद्धता और समन्वय को बारीकी से जांचा गया। SSP ने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस बल में अनुशासन और फिटनेस के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। ड्रिल से परखा गया तालमेल निरीक्षण के दौरान जवानों को दौड़ लगवाई गई, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता, स्टैमिना और सहनशक्ति का आकलन किया जा सके। दौड़ के बाद टोलीवार ड्रिल कराई गई, जिसमें जवानों के बीच तालमेल, एकरूपता और आदेश पालन की क्षमता को परखा गया। SSP ने हर कदम पर ध्यान देते हुए जरूरी सुधार के निर्देश दिए और जवानों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। परिवहन शाखा और श्वान दल की बारीकी से जांच परेड में शामिल विभिन्न इकाइयों UP-112, परिवहन शाखा और श्वान दल की भी गहन जांच की गई। SSP ने इन यूनिट्स की कार्यप्रणाली, उपकरणों की स्थिति और उनकी तत्परता को परखा। जहां भी कमी नजर आई, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हर यूनिट को अलर्ट मोड में रहकर काम करना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान क्षेत्राधिकारी लाइन्स, प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद SSP ने अधिकारियों के साथ संक्षिप्त समीक्षा की और उन्हें निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर पर जवानों की ट्रेनिंग, फिटनेस और अनुशासन को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि बेहतर टीमवर्क और निरंतर अभ्यास ही पुलिस बल को मजबूत बनाता है। फिट पुलिस ही सुरक्षित समाज की गारंटी SSP ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि एक फिट और अनुशासित पुलिस बल ही समाज में कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रख सकता है। उन्होंने जवानों से अपील की कि वे नियमित रूप से अभ्यास करें, अपनी फिटनेस पर ध्यान दें और हर समय ड्यूटी के लिए तैयार रहें। साथ ही यह भी कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की साप्ताहिक परेड और निरीक्षण से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना में लगातार वृद्धि होती है। इससे जवान न केवल शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं, जो बेहतर पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है।

