समाजवादी पार्टी के नेता जफर अमीन डक्कू के जेल से रिहा होने के बाद गोरखपुर की सपा की अंदरूनी राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जेल से बाहर आने के बाद डक्कू ने पार्टी के कुछ नेताओं और पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके मामले की आधी-अधूरी जानकारी दी गई, जिससे उनकी छवि खराब हो सके। वहीं, डक्कू के आरोपों पर वार्ड 61 के पार्षद शहाब अंसारी और सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने पलटवार किया है। दोनों ने डक्कू के आरोपों को निराधार बताया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि डक्कू पार्टी की गाइडलाइन से ऊपर उठकर राजनीति करना चाहते हैं। डक्कू बोले- पार्टी में कुछ गंदे लोगों ने करवाया यह काम जेल से रिहा होने के बाद जफर अमीन डक्कू ने अपने ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पार्टी में कुछ गंदे लोग हैं, जिन्होंने ये काम करवाया है। इन लोगों ने राजनीति का स्तर इतना गिरा दिया है, जिसका कोई हिसाब नहीं है।” जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम पर निशाना साधते हुए डक्कू ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मेरे केस के बारे में आधी-अधूरी बातें बताई गईं, ताकि मेरी छवि खराब हो सके।” उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को यह बताया गया होगा कि डक्कू जमीन कब्जा करने गया होगा। इसकी वजह से उन्होंने कहा होगा कि यह मामला राजस्व का है, व्यक्तिगत है और कानूनी कार्रवाई से ही क्लियर होगा।” पार्षद पर भी लगाया आरोप डक्कू ने पार्टी नेताओं के साथ ही कुछ पार्षदों पर भी आरोप लगाए। उन्होंने वार्ड 61 के पार्षद शहाब अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि उनके खिलाफ पहले भी झूठा केस कराया जा चुका है। जेल में रहने के दौरान की स्थिति बताते हुए डक्कू ने कहा, “जेल में मुझे एकदम से तन्हा रखा गया। हाई सिक्योरिटी सेल के भीतर निगरानी के अंदर रहता था। तीन दिन तक मुझे किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई।” बोले- 2027 में नतीजे देखकर लोग अचरज में पड़ जाएंगे डक्कू ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “पिछली विधानसभा में गोरखपुर मंडल में समाजवादी पार्टी की एक भी सीट नहीं आई थी। मैं इतना बताना चाहता हूं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में इतनी सीट आएगी कि लोग अचरज में पड़ जाएंगे।” उन्होंने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे। “हम सपा के थे, हैं और रहेंगे। हम इस पार्टी के बुनियादी नेता हैं। 2027 में हम बंपर सीटों से सरकार बनाने जा रहे हैं। गोरखपुर समाजवादी पार्टी में कुछ पार्टी के अंदर नेता हैं, जो तोड़ना चाहते हैं।” पार्षद बोले- जेल जाने के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया डक्कू के आरोपों पर वार्ड 61 के पार्षद शहाब अंसारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डक्कू के सभी आरोप निराधार हैं। शहाब अंसारी ने कहा, “जेल जाने के बाद उनका दिमाग का संतुलन बिगड़ गया है। 17 दिन जेल में रहने के बाद वह पूरी तरह से फ्रस्ट्रेटेड हो गए हैं।” उन्होंने कहा, “मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या समाजवादी पार्टी के कहने पर वह जमीन कब्जा करने गए थे। उनके खिलाफ जो मैंने पूर्व में मुकदमा कराया था, आपसी समझौते के बाद उसको मैंने वापस ले लिया था।” जिलाध्यक्ष बोले- पार्टी की गाइडलाइन से ऊपर उठकर राजनीति करना चाहते हैं डक्कू सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने भी डक्कू के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “डक्कू की उस गलती की वजह से पार्टी के और लोग भी डर के फरार हैं। वह पार्टी की गाइडलाइन से ऊपर उठकर राजनीति करना चाहते हैं।” उन्होंने महानगर अध्यक्ष को लेकर भी डक्कू पर निशाना साधा। कहा, “गोरखपुर के महानगर अध्यक्ष को डक्कू अपनी बाईं जेब की पॉकेट में रखना चाहते हैं। अगर सही मायने में देखा जाए तो बैक डोर से जफर अमीन डक्कू ही महानगर अध्यक्ष की कमान संभाल रहे हैं। उनकी चाहत यह है कि बृजेश कुमार गौतम उनकी दाईं जेब में आकर बैठ जाए तो मैं उनको बता देना चाहता हूं कि वह दिन कभी नहीं आएगा।” बोले- पार्टी के निर्देश पर जमीन पर उतरकर काम करूंगा ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा, “लेकिन मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी का भक्त हूं। जो भी पार्टी ऊपर से निर्देश करेगी, मैं उसकी जमीन पर उतरने का काम करूंगा।” उन्होंने डक्कू के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा, “डक्कू जेल से निकलने के बाद अपने आप से लड़ाई लड़ रहे हैं। जेल से निकलने के बाद उन्होंने जो अपशब्द मुझे कहा है, मैं उससे काफी आहत हूं। इसको लेकर मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी बात करूंगा।” जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जिलाध्यक्ष ने डक्कू को चेतावनी देते हुए कहा कि आगे अगर उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तो वह अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “इसके बाद से अगर जफर अमीन डक्कू ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया तो मैं संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करूंगा।” पहले जानिए किस मामले में जेल में बंद थे डक्कू डक्कू एक जमीन कब्जा करने और विपक्षी को धमकाने के प्रयास में जेल में बंद हैं। हालांकि उनका दावा है कि जिस जमीन को कब्जाने की बात कही जा रही है, वह उन्होंने बैनामा ली है और उसके दस्तावेज उनके पास हैं। जिस दिन घटना हुई और वीडियो वायरल हुआ, उस दिन भी रात 9:30 बजे तक वह निश्चिंत थे। पुलिस ने भी इस मामले में दोनों पक्षों को कागज के साथ बुलाया था। उस समय तक कार्रवाई की सुगबुगाहट नहीं थी। फिर अचानक देर रात एफआईआर होती है और आधी रात में डक्कू घर से गिरफ्तार कर लिए जाते हैं। 10 दिन बीत गए, वह जेल में ही हैं। इसी मामले में उनके साथ सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी भी गए थे। केस शब्बीर पर भी है लेकिन वह फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश में दबिश जारी है। पहले दिन उनके घर के हर कोने में, यहां तक कि फ्रिज, कूलर, आलमारी में भी उन्हें ढूंढा गया था।

