गोरखपुर के हाल्सीगंज में श्री राधा रानी सेवा संस्थान, गोरखपुर द्वारा शीतला माता मंदिर में राधा अष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधा रानी का भव्य प्राकट्य एवं जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर राधारानी की भक्ति का आनंद लिया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण परम पूज्य कथाव्यास श्री मृदुलानन्द शास्त्री महाराज रहे। उन्होंने श्री राधा रानी के प्राकट्य की कथा सुनाते हुए बताया कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रावल ग्राम में राजा वृषभानु एवं माता कीर्तिदा के घर श्री राधा रानी का दिव्य प्राकट्य हुआ। इसी पावन तिथि को राधाष्टमी के रूप में मनाने की परंपरा है। व्यास जी ने राधा अष्टमी की प्राचीन ब्रज परंपरा और श्री राधा रानी की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि राधा जी प्रेम, भक्ति और समर्पण की साक्षात स्वरूप हैं। उन्होंने बताया कि राधारानी के प्राकट्य की खुशी में ब्रज में आज भी बधाई गीत, भजन-कीर्तन, नृत्य और विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से उत्सव मनाया जाता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर राधे-राधे के जयकारे लगाते रहे। कथा एवं भजन-कीर्तन के बीच राधा सखियों का मनमोहक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विभिन्न झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। संस्था की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष त्रिभुवन वर्मा, कोषाध्यक्ष कन्हैया वर्मा, प्रमुख सलाहकार राकेश मणि त्रिपाठी, आचार्य दुःख हरण प्रसाद पाठक, प्रबंधक धीरज वर्मा सहित संस्था के पदाधिकारी, सदस्यगण एवं शीतला माता मंदिर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही।

