कुशीनगर में गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के आरोपी सिंचाई विभाग के इंजीनियर महेश कुमार सिंह की तैनाती पर सवाल उठ रहे हैं। शासन ने 2023 में घोटाले में नाम आने के बाद उनकी फील्ड तैनाती पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद उन्हें कुशीनगर में संवेदनशील एपी तटबंध की जिम्मेदारी दी गई। 28 सितंबर की रात यह तटबंध टूट गया, जिसके बाद इंजीनियर की तैनाती का मामला फिर चर्चा में आया। गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में सपा सरकार के दौरान 1513 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। योगी सरकार ने 2017 में न्यायिक जांच के आदेश दिए, जिसके बाद सीबीआई ने 180 इंजीनियरों और कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया। 30 नवंबर 2023 को सिंचाई विभाग ने 42 इंजीनियरों को फील्ड से हटाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद 2021-22 से कुशीनगर में तैनात महेश कुमार सिंह को नहीं हटाया गया। सिंचाई विभाग के प्रमुख मुख्य अभियंता सत्येंद्र कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

